चित्रकूट। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में शोध, नवाचार और शिक्षण को आनंदमयी बनाने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों हेतु देश के चार चुनिंदा शिक्षकों को प्रतिष्ठित ‘रामबाई दीक्षित शिक्षा सम्मान’ से विभूषित किया गया है। यह सम्मान समारोह शिक्षा जगत् की प्रख्यात विभूतियों के आतिथ्य में चित्रकूट में सम्पन्न हुआ। सम्मान के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षक प्रमोद दीक्षित ‘मलय’ ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान उनकी पूजनीया माता श्रीमती रामबाई दीक्षित की स्मृति में वर्ष 2022 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा और लेखन के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को पहचान दिलाना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। यह सम्मान प्रतिवर्ष ‘शिक्षक’ और ‘लेखक’ दो श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। वर्ष 2024 और 2025 के लिए विज्ञापन के माध्यम से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं, जिनमें से चयन समिति ने गहन मूल्यांकन के बाद श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन किया।

सम्मान के तृतीय संस्करण के अंतर्गत वर्ष 2024 के लिए शिक्षक श्रेणी में सीमा मिश्रा (फतेहपुर) और डॉ. श्रवण कुमार गुप्त (वाराणसी) को तथा वर्ष 2025 के लिए गुंजन भदौरिया (कन्नौज) एवं शंकर कुमार रावत (बलिया) को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मान स्वरूप 1100 रुपये की नकद धनराशि, सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न, शाल, मैडल, श्रीफल और मोती की माला भेंट कर सम्मानित किया गया। लेखन हेतु सम्मान आगामी कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा।

