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‘इंस्पायरिंग इनोवेटर्स – नए भारत की नई पहचान’: सामाजिक नवाचार, रचनात्मक कौशल और नीति के संगम का सशक्त उदाहरण

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के तत्वावधान में और नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी के सहयोग से संचालित ‘इंस्पायरिंग इनोवेटर्स’ कौशल विकास पहल का समापन समारोह 13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू, नेटफ्लिक्स इंडिया, ग्राफिटी स्टूडियो, चयनित नवप्रवर्तकों और देशभर के छात्र प्रतिभागियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

‘इंस्पायरिंग इनोवेटर्स – नए भारत की नई पहचान’ शीर्षक से विकसित यह पहल सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों को रचनात्मक माध्यमों के जरिये सामने लाने और युवाओं को उद्योग-उपयोगी कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ग्राफिटी स्टूडियो के सहयोग से कार्यान्वित इस कार्यक्रम ने किस्सागोई, एनिमेशन और व्यावहारिक प्रशिक्षण को एकीकृत कर भारत के नवाचार और रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती दी।

इस पहल के अंतर्गत प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय द्वारा चयनित आठ भारतीय स्टार्टअप्स के कार्यों और उनके सामाजिक प्रभाव को प्रदर्शित किया गया। इन स्टार्टअप्स की नवोन्मेषी यात्राओं को देश के आठ विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा निर्मित आठ लघु एनिमेटेड फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ये फिल्में यह दर्शाती हैं कि किस प्रकार तकनीक, डिज़ाइन और उद्यमिता के समन्वय से जमीनी स्तर की सामाजिक समस्याओं के समाधान संभव हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा कि इंस्पायरिंग इनोवेटर्स कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक महत्व वाले नवाचारों को उजागर करना है, साथ ही युवाओं के लिए कौशल और ज्ञान विकास के ठोस अवसर सृजित करना भी है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्टार्टअप्स और छात्रों को एक साझा रचनात्मक मंच पर लाकर, उद्योग विशेषज्ञों और नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी के मार्गदर्शन से, भारत में नवाचार के अनुकूल वातावरण को समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाती है। यह नीति, प्रतिभा विकास और वास्तविक दुनिया में अनुप्रयोग के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करती है।

कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल 26 छात्रों को रचनात्मक उत्पादन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों में 50 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं और बड़ी संख्या में छात्र द्वितीय श्रेणी के शहरों से आए थे, जिससे समावेशी विकास की भावना को बल मिला। छात्रों को राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और ग्राफिटी स्टूडियो के विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे उन्हें उद्योग की वास्तविक प्रक्रियाओं और पेशेवर मानकों की प्रत्यक्ष समझ मिली।

राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने इस पहल को ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम नवाचार के सामाजिक लाभों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने मत्स्य पालन, कृषि तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहायक प्रौद्योगिकियों से जुड़े नवाचारों को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया, जो समाज के व्यापक वर्ग के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करते हैं।

नेटफ्लिक्स इंडिया की ग्लोबल अफेयर्स डायरेक्टर महिमा कौल ने कहा कि इंस्पायरिंग इनोवेटर्स पहल सरकार, उद्योग और युवा सर्जकों को एक साथ लाकर उन विचारों को सामने लाती है जो भारत में नवाचार के भविष्य को आकार दे रहे हैं। यह सहयोग रचनात्मकता को सामाजिक उद्देश्य से जोड़ने का सशक्त उदाहरण है।

समापन समारोह के दौरान सभी आठ एनिमेटेड फिल्मों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त शंकर महादेवन अकादमी के छात्रों द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी गई तथा सरकार और सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। यह भी घोषणा की गई कि ये सभी आठ फिल्में नेटफ्लिक्स इंडिया के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध होंगी।

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