डिजिटल जनसेवा को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने Google के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर के अधिकृत आधार केंद्रों को गूगल मैप्स पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को निकटतम सत्यापित आधार सेवा केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी।

यह पहल देश के करोड़ों आधार धारकों के लिए सेवाओं तक पहुंच को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक संरचनात्मक सुधार के रूप में देखी जा रही है। वर्तमान में देशभर में 60,000 से अधिक आधार केंद्र संचालित हैं, जिनमें अत्याधुनिक आधार सेवा केंद्र भी शामिल हैं। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद जब उपयोगकर्ता गूगल मैप्स पर खोज करेंगे, तो उन्हें केवल अधिकृत और सत्यापित आधार केंद्रों की जानकारी प्राप्त होगी।
सेवाओं की सटीक और वर्गीकृत जानकारी उपलब्ध होगी
इस साझेदारी के अंतर्गत नागरिकों को वयस्क नामांकन, बाल नामांकन, पता अद्यतन, मोबाइल नंबर अपडेट तथा अन्य आधार संबंधी सेवाओं के लिए उपलब्ध केंद्रों की स्पष्ट और वर्गीकृत जानकारी मिलेगी। इससे अनावश्यक भ्रम और गलत केंद्रों पर जाने की समस्या में कमी आएगी।
गूगल मैप्स पर प्रत्येक केंद्र के संबंध में संचालन समय, उपलब्ध सेवाएं, दिव्यांग अनुकूल बुनियादी ढांचा, पार्किंग सुविधा तथा अन्य उपयोगी विवरण प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे नागरिक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त केंद्र का चयन कर सकेंगे और यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे।
जनसुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता
यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री भुवनेश कुमार ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य हमेशा आधार धारकों के जीवन में सुगमता लाना रहा है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग अधिकृत आधार केंद्रों तक पहुंच को तेज, आसान और पारदर्शी बनाएगा।
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य गलत सूचनाओं को रोकना भी है। कई बार अनधिकृत केंद्रों या भ्रामक सूचनाओं के कारण नागरिकों को असुविधा होती है। सत्यापित सूची को सीधे गूगल मैप्स पर प्रदर्शित करने से यह सुनिश्चित होगा कि उपयोगकर्ता विश्वसनीय जानकारी तक ही पहुंचें।
उत्तरदायी सेवा प्रणाली की ओर अगला कदम
साझेदारी के अगले चरण में यूआईडीएआई गूगल बिजनेस प्रोफाइल का उपयोग करते हुए केंद्रों की जानकारी का प्रबंधन करेगा और नागरिकों की प्रतिक्रिया का सीधा उत्तर देगा। इससे सेवा वितरण प्रणाली अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनेगी।
यह व्यवस्था न केवल केंद्रों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करेगी, बल्कि सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार का अवसर भी प्रदान करेगी। नागरिकों की प्रतिक्रियाएं और रेटिंग्स सेवा मानकों के आकलन में सहायक होंगी।
भविष्य में अपॉइंटमेंट बुकिंग की संभावना
भविष्य की योजना के तहत इस साझेदारी में गूगल मैप्स इंटरफेस के माध्यम से सीधे अपॉइंटमेंट बुकिंग की सुविधा विकसित करने की संभावना भी तलाशी जाएगी। यदि यह सुविधा लागू होती है तो नागरिक अपनी यात्रा का समय पूर्व निर्धारित कर सकेंगे, जिससे प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की यह पहल देश की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आधार प्रणाली पहले ही पहचान सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी योजनाओं का आधार स्तंभ बन चुकी है। अब सेवा वितरण के भौतिक बिंदुओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुव्यवस्थित किया जा रहा है।
गूगल इंडिया की रणनीतिक साझेदारी प्रमुख सुश्री रोली अग्रवाल ने कहा कि सत्यापित आधार केंद्रों को गूगल मैप्स के साथ एकीकृत करना लाखों निवासियों के लिए भरोसेमंद सेवाओं को आसानी से खोजने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल आवश्यक सरकारी बुनियादी ढांचे और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करेगी।