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जल्द खाली होंगे नगर निगम दोदपुर सिविल लाइन थाने के पीछे के सरकारी आवास

दोदपुर सिविल लाइन थाने के पीछे बने सरकारी आवासों में वर्षों से कब्जा किए हुए अनाधिकृत कब्जाधारियों/अध्यासियों के साथ नगर आयुक्त ने वार्ता करने के उपरांत 22 अप्रैल तक सभी आवास खाली करने की डेडलाइन निर्धारित करते हुए सभी अवैध कब्जाधारियों को अंतिम नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को दोदपुर सिविल लाइन थाने के पीछे नगर निगम के क्वार्टरों में रहने वाले लोगों से नगर आयुक्त ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में उनके स्वामित्व व प्रपत्रों के मूल्यांकन हेतु विशेष सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोई भी अनाधिकृत कब्जाधारी/अध्यासी स्वामित्व का कोई भी पुख्ता साक्ष्य या प्रपत्र नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका अधिकांश अनाधिकृत कब्जाधारियों/अध्यासियों ने दादा-दादी एवं नाना-नानी के समय से नगर निगम के आवासों में रहने की बात दोहराई।

नगर आयुक्त ने सभी की बातें सुनने के पश्चात तथा कोई भी पुख्ता स्वामित्व दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर आगामी 22 अप्रैल तक आवास खाली करने की समयसीमा निर्धारित की। साथ ही 23 अप्रैल को नगर निगम द्वारा आवश्यक पुलिस बल के सहयोग से आवास खाली कराए जाने की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त/संपत्ति प्रभारी को तत्काल सभी अनाधिकृत कब्जाधारियों/अध्यासियों को आवास खाली करने का अंतिम नोटिस देने तथा 23 अप्रैल को आवास खाली कराए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने बताया कि दिसंबर 2025 में इन आवासों में अनाधिकृत रूप से रह रहे 35 से 40 लोगों, जिनमें मोहम्मद हारिस, जीशान, शान, मसूद खान, महमूद अस्करी, अफज़ल अहमद, सईमा, फरहत हुसैन, कमर सुल्ताना, तक़ी अब्बास, इकबाल फ़ातिमा, रज़ीउद्दीन, अब्दुल मुजीब, शफीकुर्रहमान, कुत्सिया बेगम, ताहिर बेगम, जमीर हुसैन, जमील अहमद, मो. आज़म खान, शहज़ाद, शकील अहमद कादरी, जलील अहमद, शहज़ादी फ़ातिमा, ज़रगाम हैदर, अफ़ज़ाल, समीम बेगम, ज़ेड, नूरुद्दीन, रुक्मपाल सिंह, आज़ाद मलिक, अनवर खान, इब्राहिम, आरिफ अली, रोहित शुक्ला आदि को नोटिस दिसंबर 2025 में दिया गया था, परंतु तीन माह का समय व्यतीत होने के उपरांत भी उनके द्वारा आवास खाली नहीं किया गया है।

आज की व्यक्तिगत सुनवाई में भी कोई भी आवास के स्वामित्व से संबंधित प्रपत्र/दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

नगर आयुक्त ने बताया कि ग्राम भमोला छावनी के गाटा संख्या-78 एवं 87 राजस्व अभिलेखों में नॉन-जेड.ए. खेत संख्या-7, मिल्कियत शाही के अंतर्गत अंकित हैं उक्त नजूल भूमि पर पूर्व में नगर निगम द्वारा अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए आवासों का निर्माण कराया गया था। उक्त भूमि, गाटा संख्या-78 एवं 87, राजस्व अभिलेखों में मिल्कियत शाही अर्थात नजूल भूमि होने के कारण उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अंतर्गत प्रचलित नजूल नीति के अनुसार 9036 वर्ग मीटर भूमि को नगर निगम, अलीगढ़ द्वारा दिनांक 26.09.2009 के बैनामे के माध्यम से फ्रीहोल्ड कराकर जिलाधिकारी, अलीगढ़ से क्रय किया गया। उक्त 9036 वर्ग मीटर भूमि नगर निगम के स्वामित्व की है। उक्त ग्राम भमोला छावनी के गाटा संख्या-78 एवं 87 में बने नगर निगम के सरकारी आवासों/भूमि पर निर्मित 40 से अधिक आवासों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। 

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