NEW English Version

आईएनएस तरंगिनी त्रिंकोमाली पहुंची, भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिला नया आयाम

भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस तरंगिनी 27 फरवरी 2026 को प्रशिक्षण दौरे पर श्रीलंका के त्रिंकोमाली पत्तन पर पहुंचा। पोत के आगमन पर श्रीलंका नौसेना के पूर्वी नौसेना क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने औपचारिक स्वागत किया। यह यात्रा विशाखापत्तनम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 में पोत की हालिया भागीदारी के पश्चात की जा रही है।

त्रिंकोमाली पत्तन पर प्रवास के दौरान तरंगिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के पूर्वी नौसेना क्षेत्र के डिप्टी कमांडर कमोडोर हरिथा जयदेवथे से शिष्टाचार भेंट की। दोनों पक्षों के बीच नौकायन प्रशिक्षण, पेशेवर आदान प्रदान और समुद्री सहयोग को सुदृढ़ करने के विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस संवाद का उद्देश्य द्विपक्षीय प्रशिक्षण पहलों को नई दिशा देना और समुद्री क्षेत्र में पारस्परिक समझ को गहरा करना है।

पोत पर श्रीलंकाई रक्षा कर्मियों, उनके परिवारों और प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए परिचयात्मक दौरे का आयोजन किया गया। इन दौरों के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण पद्धतियों, नौवहन प्रणालियों और समुद्री अनुशासन की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त पत्तन प्रवास के दौरान सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों तथा संयुक्त प्रशिक्षण सत्रों की भी योजना बनाई गई है, जिससे दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध और मजबूत हों।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि श्रीलंका नौसेना एवं समुद्री अकादमी से चयनित प्रशिक्षु अधिकारी तरंगिनी के साथ कोलंबो तक की समुद्री यात्रा पर रवाना होंगे। इस प्रशिक्षण यात्रा के दौरान उन्हें पारंपरिक नौकायन, समुद्री नेतृत्व, दल प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। यह पहल युवा अधिकारियों के कौशल विकास और क्षेत्रीय सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »