उद्योग आधारित कौशल विकास को मजबूत करने और युवाओं को उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने बजाज ऑटो लिमिटेड के साथ संशोधित फ्लेक्सी एमओयू योजना के तहत एक लचीले समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य उद्योग और सरकार के बीच सहयोग को और मजबूत करना तथा युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

इस समझौते के तहत बजाज ऑटो लिमिटेड इंडस्ट्री ट्रेनिंग पार्टनर के रूप में कार्य करेगी और महाराष्ट्र तथा उत्तराखंड स्थित अपनी निर्माण इकाइयों में एनएसक्यूएफ के अनुरूप उद्योग एकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगी। पहले ही वर्ष में कंपनी ने 1000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा है। इन प्रशिक्षुओं के लिए अधिकतम 24 महीनों तक का संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें कक्षा आधारित अध्ययन के साथ साथ उन्नत विनिर्माण प्रणालियों पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा।
इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह साझेदारी भारत में उद्योग से जुड़े कौशल विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जब प्रशिक्षण को वास्तविक उत्पादन वातावरण और आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाता है, तो युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है और वे रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार होते हैं। ऐसे सहयोग देश के लिए कुशल प्रतिभाओं की मजबूत श्रृंखला तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
हस्ताक्षर समारोह में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय के महानिदेशक दिलीप कुमार भी उपस्थित रहे। डीजीटी के उप महानिदेशक सुनील कुमार गुप्ता ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए उद्योग के साथ साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में डीजीटी के निदेशक (पाठ्यक्रम विकास) प्रणव चौधरी, निदेशक (सीएफआई) हेमंत डी. गंजारे और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। बजाज ऑटो लिमिटेड की ओर से मुख्य मानव संसाधन अधिकारी रवि किरन रामासामी तथा कंपनी के अन्य प्रतिनिधियों ने समारोह में भाग लिया।
फ्लेक्सी एमओयू योजना उद्योगों को उभरती तकनीकों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने का लचीलापन प्रदान करती है। साथ ही यह सुनिश्चित करती है कि सभी कार्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा के अनुरूप हों। इस योजना के तहत उद्योगों के नेतृत्व में व्यावहारिक और सतत मूल्यांकन किया जाता है, जबकि सैद्धांतिक परीक्षाएं डीजीटी द्वारा केंद्रीकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षण के माध्यम से आयोजित की जाती हैं। सफल अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय व्यापार प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जिससे वे आगे अप्रेंटिसशिप के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को उन्नत ऑटोमोबाइल विनिर्माण प्रणालियों, प्रोडक्शन डोजो, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों, प्लांट मेंटेनेंस तकनीकों, मेकाट्रॉनिक्स सिस्टम, वेल्डिंग तकनीकों, असेंबली ऑपरेशन्स तथा लॉजिस्टिक्स प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। सभी पाठ्यक्रम एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप होंगे और इन्हें बजाज ऑटो की मौजूदा प्रशिक्षण अवसंरचना का उपयोग करते हुए संचालित किया जाएगा।
इस सहयोग का उद्देश्य ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देना और युवाओं की रोजगार क्षमता को मजबूत करना है। इसके साथ ही यह पहल कुशल तकनीशियनों, आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेता नेटवर्क की एक सतत श्रृंखला तैयार करने में भी मदद करेगी तथा प्रशिक्षुता और दीर्घकालिक रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी।
फ्लेक्सी एमओयू योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार इंडस्ट्री ट्रेनिंग पार्टनर्स को सफल प्रशिक्षुओं में से कम से कम 50 प्रतिशत का प्लेसमेंट सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्रशिक्षण लागत और वजीफे के लिए सीएसआर फंड का उपयोग भी किया जा सकता है। बजाज ऑटो ने कौशल विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है और कंपनी अपने सीएसआर व्यय का बड़ा हिस्सा कौशल विकास पहलों पर खर्च करती है। बजाज इंजीनियरिंग स्किल ट्रेनिंग, बजाज मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स और बजाज एसटीईपी जैसी पहलों के माध्यम से कंपनी हर वर्ष देश भर में 90,000 से अधिक छात्रों को लाभ पहुंचा रही है।
डीजीटी और बजाज ऑटो के बीच यह फ्लेक्सी एमओयू दस वर्षों के लिए वैध रहेगा। नामांकन, सीखने की उपलब्धियों और प्लेसमेंट के प्रदर्शन के आधार पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।