NEW English Version

बोलती परछाइयां का लोकार्पण: संवेदना और सरलता का सशक्त संगम

बिलासपुर। नगर के वरिष्ठ एवं साहित्यकार एवं पत्रकार सुरेश सिंह बैस द्वारा रचित चर्चित पुस्तक “बोलती परछाइयां” का गरिमामयी लोकार्पण एवं भेंट समारोह शहर के संस्कार भवन में संपन्न हुआ।

सुरेश सिंह बैस द्वारा डॉ विनय कुमार पाठक को “बोलती परछाइयां पुस्तक भेंट

यह अवसर एक आत्मीय शिष्टाचार भेंट का था, जिसमें थावे यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक को लेखक ने अपनी पुस्तक सप्रेम भेंट की। इस अवसर पर डॉ. पाठक ने पुस्तक का औपचारिक लोकार्पण करते हुए इसके साहित्यिक गुणों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “बोलती परछाइयां” एक अत्यंत रोचक एवं प्रवाहमयी कृति है, जिसमें लेखक ने जटिल और क्लिष्ट शब्दावली से बचते हुए सरल, सहज और प्रभावशाली भाषा में अपनी बात पाठकों तक पहुंचाई है। उन्होंने इसे हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली रचना बताया। डॉ. पाठक ने आगे कहा कि पुस्तक में लेखक ने अपने जीवन के अनछुए पहलुओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया है, साथ ही सामाजिक संदेशों को भी अत्यंत सूक्ष्म और प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया है। उन्होंने लेखक को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार साहित्य साधना में निरंतर सक्रिय रहने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में डॉ राघवेंद्र दुबे, राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी, ने भी पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति पठनीयता और आकर्षण से परिपूर्ण है, जो लेखक के गहन अनुभव और साहित्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इस गरिमामयी अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष विवेक तिवारी भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम ने साहित्य प्रेमियों के बीच एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और यह सिद्ध किया कि संवेदनशील लेखन समाज में विचारों की नई रोशनी जगा सकता है। एवीके न्यूज सर्विस

Translate »