नई दिल्ली: भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में औपचारिक शुभारंभ किया गया। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच का उद्घाटन किया।
फोरम में ब्राज़ील, रूस, इंडोनेशिया, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित ब्रिक्स सदस्य एवं सहभागी देशों के मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति विशेषज्ञ तथा शहरी विकास से जुड़े प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान समावेशी शहरी विकास, सतत अवसंरचना, जलवायु अनुकूल शहरों तथा डिजिटल शहरी नवाचार जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।

भारत चौथी बार ब्रिक्स शहरीकरण फोरम की मेजबानी कर रहा है। इससे पूर्व वर्ष 2013 में नई दिल्ली, वर्ष 2016 में विशाखापत्तनम तथा वर्ष 2021 में वर्चुअल माध्यम से इस मंच का आयोजन किया जा चुका है।
इस वर्ष फोरम की थीम ‘जन-केंद्रित शहर: समावेशी एवं लचीले शहरी भविष्य के लिए ब्रिक्स सहयोग’ निर्धारित की गई है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता शहरी विकास के वैश्विक एजेंडे को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास, आपदा एवं जलवायु प्रतिरोधी अवसंरचना, संस्थागत क्षमता निर्माण तथा तकनीकी नवाचार भारत की शहरी विकास रणनीति के प्रमुख स्तंभ हैं।
प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करते हुए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री श्रीनिवास काटिकिथला ने कहा कि ब्रिक्स शहरीकरण फोरम वर्षों से सदस्य देशों के बीच अनुभवों, नीतियों और श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच बना हुआ है। उन्होंने इसे दीर्घकालिक सहयोग और पारस्परिक विश्वास निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने ‘इंडियाज अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन: स्टोरीज़ ऑफ चेंज’ नामक विशेष प्रकाशन का विमोचन भी किया। इस प्रकाशन में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा संचालित चयनित शहरी पहलों, नवाचारों और परिवर्तनकारी परियोजनाओं को संकलित किया गया है।
इसके पश्चात आयोजित उच्चस्तरीय पूर्णाधिवेशन में सदस्य देशों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए तथा साझा शहरी चुनौतियों, सतत विकास की संभावनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विचार व्यक्त किए। सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने की।
फोरम के इतर भारत और रूसी संघ के बीच सतत शहरी विकास को लेकर एक द्विपक्षीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार में आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा रूसी संघ के निर्माण, आवास एवं उपयोगिता उपमंत्री श्री यूरी मुत्सेनेक ने की। बैठक में प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रगति की समीक्षा करते हुए दोनों पक्षों ने शहरी नियोजन, किफायती आवास, नगर अवसंरचना, सतत निर्माण प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
इसके अतिरिक्त ईरान और रूस, ईरान और चीन तथा रूस और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें शहरी विकास से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा हुई।
फोरम के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने नई दिल्ली और उसके आसपास विकसित प्रमुख शहरी परियोजनाओं का स्थलीय भ्रमण भी किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने नए संसद भवन परिसर तथा इंडिया गेट-कर्तव्य पथ क्षेत्र का अवलोकन कर भारत के शहरी परिवर्तन और आधुनिक अवसंरचना विकास को निकट से देखा।