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लो-कार्बन सीमेंट के व्यावसायिक विकास को गति देंगे अंबुजा सीमेंट्स और लीलैक

अहमदाबाद: अदाणी समूह की सीमेंट और बिल्डिंग मैटेरियल्स कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने लीलैक लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। यूके हेडक्वार्टर वाली लीलैक एक क्लीन टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो सीमेंट और लाइम मैन्युफैक्चरिंग जैसे अधिक एमिशन वाले उद्योगों के लिए कार्बन कैप्चर और इलेक्ट्रिफिकेशन समाधान विकसित करने में विशेषज्ञता रखती है।

यह साझेदारी अंबुजा सीमेंट्स की व्यापक डीकार्बोनाइजेशन रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और वर्ष 2050 तक एसबीटीआई द्वारा सत्यापित नेट-ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करने के उसके प्रयासों को मजबूती प्रदान करती है। कंपनी सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देकर रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग में वृद्धि कर रही है। लगभग 1 गीगावाट की कैप्टिव ग्रीन पावर क्षमता के समर्थन से अंबुजा सीमेंट्स कार्बन कैप्चर जैसी अत्याधुनिक और परिवर्तनकारी तकनीकों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। महत्वपूर्ण रूप से, इस सहयोग से कार्बन कैप्चर तकनीक की इकोनॉमिक्स बेहतर होने की उम्मीद है। इससे कार्बन कैप्चर और उसके उपयोग को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए मजबूत व्यावसायिक आधार तैयार होगा और इस तकनीक के व्यापक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

गुजरात के कच्छ जिले के सांघीपुरम स्थित अंबुजा सीमेंट्स के 6.6 एमटीपीए क्षमता वाले सांघी प्लांट में स्थापित की जाने वाली यह व्यावसायिक प्रदर्शन परियोजना, लोअर-एमिशन सीमेंट प्रोडक्शन के लिए लीलैक की कार्बन कैप्चर और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक हीटिंग टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन का मूल्यांकन करेगी। इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से रिन्यूएबल इलेक्ट्रिसिटी के अधिक उपयोग और उत्पादन प्रक्रिया के दौरान अनिवार्य रूप से उत्पन्न होने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर कर, एमिशन में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। यह तकनीक ऐसी व्यवस्था विकसित करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें कोयले की खपत को शून्य तक कम किया जा सके, साथ ही वैकल्पिक ईंधनों का लचीले तरीके से उपयोग भी संभव हो सके।

यदि यह प्रदर्शन परियोजना सफल रहती है, तो दुनिया के अपनी तरह के सबसे बड़े औद्योगिक स्तर के प्लांट के रूप में स्थापित इस प्रोजेक्ट का विस्तार 7 से 8 गुना तक किया जा सकता है। इसके बाद यह प्रतिवर्ष 10 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करने में सक्षम होगी। यह पहल भारत सहित वैश्विक स्तर पर लो -कार्बन सीमेंट प्रोडक्शन के लिए एक प्रभावी, व्यावहारिक और बड़े पैमाने पर अपनाई जा सकने वाली राह तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंबुजा सीमेंट्स के डायरेक्टर करण अदाणी ने कहा, “सीमेंट इंडस्ट्री को लो -कार्बन भविष्य की ओर ले जाने के लिए साहसिक सोच, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और पूरी वैल्यू चेन में सहयोग की आवश्यकता होगी। लीलैक के साथ हमारी यह साझेदारी नेक्स्ट जनरेशन की उन टेक्नोलॉजीज का मूल्यांकन करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो प्रोडक्शन प्रक्रिया से होने वाले एमिशन को कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और लॉन्ग टर्म सस्टेनेबल ग्रोथ को समर्थन देने में सक्षम हैं। यह पहल भविष्य के लिए विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग संचालन स्थापित करने के हमारे विज़न के अनुरूप है।”

लीलैक लिमिटेड के सीईओ डेनियल रेंनी ने कहा, “अंबुजा सीमेंट्स दुनिया के सबसे बड़े और एडवांस्ड सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क्स में से एक का संचालन करती है। लो -कॉस्ट और लो-कार्बन सीमेंट उत्पादन के लिए व्यावसायिक स्तर की इस परियोजना पर सहयोग शुरू करते हुए हमें अत्यंत खुशी हो रही है। हमारा उद्देश्य मिलकर ग्लोबल सीमेंट इंडस्ट्री के लिए एक ऐसा समाधान प्रस्तुत करना है, जो आर्थिक रूप से व्यवहार्य, आसानी से दोहराया जा सकने वाला और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।”

Ranu Bairagi

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