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कपिवा ने आयुर्वेद क्लीनिक लॉन्च कर क्लिनिकल केयर में रखा कदम, क्रॉनिक बीमारियों के लिए शुरू किया एडहेरेंस-आधारित ट्रीटमेंट मॉडल

नए क्लीनिक डायबिटीज़, हार्ट हेल्थ, क्रॉनिक पेन और महिलाओं की सेहत के लिए रूट-कॉज़ पर केंद्रित कंसल्टेशन के ज़रिए स्ट्रक्चर्ड आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट उपलब्ध कराते हैं

बेंगलुरु : भारत के प्रमुख साइंस-बैक्ड आयुर्वेद ब्रांड कपिवा ने क्लिनिकल केयर सेगमेंट में प्रवेश करते हुए कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक लॉन्च किए हैं। इससे कंपनी ने अपने मौजूदा प्रोडक्ट-आधारित पोर्टफोलियो को बढ़ाकर स्ट्रक्चर्ड और कंटिन्यूटी-ड्रिवन ट्रीटमेंट मॉडल शामिल किए हैं। यह विकास उस समय हुआ है जब कंपनी ने इस कैटेगरी में एक दशक पूरा किया है। क्लीनिक चार प्रमुख क्रॉनिक हेल्थ कंडीशन्स पर ध्यान देंगे: डायबिटीज़, हार्ट हेल्थ, पेन और महिलाओं की सेहत।
 

कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक के डॉक्टर

भारत में क्रॉनिक बीमारियों का बोझ अब सिर्फ बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं है। बीस और तीस की उम्र के भारतीयों में भी क्रॉनिक हेल्थ कंडीशन्स तेजी से बढ़ रही हैं। यह पीढ़ी सिर्फ होलिस्टिक विकल्प ही नहीं चाहती, बल्कि ऐसे केयर सिस्टम चाहती है जो उनकी बीमारी के मूल कारण को संबोधित करें, सिर्फ लक्षणों को नहीं। भारत सरकार के 2024 के सर्वे के अनुसार, देश की लगभग आधी आबादी ने आयुष सिस्टम का इस्तेमाल प्रिवेंशन या इलाज के लिए किया है। यह दिखाता है कि यह सिस्टम रोज़मर्रा के हेल्थ डिसीज़न में कितनी गहराई से जुड़ा हुआ है। कपिवा के क्लीनिक खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाए गए हैं जिन्होंने ट्रीटमेंट प्लान शुरू तो किया लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाए। यह मॉडल सिस्टम की एक बड़ी कमी को दूर करता है: पहले कंसल्टेशन के बाद स्ट्रक्चर्ड सपोर्ट की कमी के कारण असंगत परिणाम। 

कपिवा के क्लिनिकल मॉडल का केंद्र है 45 से 60 मिनट का गहन आयुर्वेदिक कंसल्टेशन, जो सतही लक्षणों के बजाय मूल कारणों की पहचान पर केंद्रित होता है। तुलना करें तो भारत में औसत डॉक्टर कंसल्टेशन 5 से 10 मिनट का होता है, जिसमें बीमारी के असली कारण को समझने का समय नहीं मिलता। हर मरीज को उसके रोज़मर्रा के जीवन में फिट होने वाला पर्सनलाइज़्ड आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट प्लान दिया जाता है, जिसे आसान भाषा में समझाया जाता है और जिसे फॉलो करना आसान हो। तीसरा स्तंभ है पोस्ट-केयर गाइडेंस: दिन 7, 14 और 21 पर स्ट्रक्चर्ड फॉलो-अप, जिसमें लगातार सपोर्ट शामिल है। इस तरह मरीज को एक ही इंटीग्रेटेड जर्नी में पूरा इलाज मिलता है डॉक्टर-नेतृत्व वाला डायग्नोसिस, पर्सनलाइज़्ड न्यूट्रिशन गाइडेंस, लाइफस्टाइल इंटरवेंशन, AI-सक्षम डायग्नोस्टिक्स और ज़रूरत पड़ने पर पंचकर्म व अभ्यंगम थेरेपी। 

लॉन्च के मौके पर टिप्पणी करते हुए कपिवा के फाउंडर और सीईओ अमेव शर्मा ने कहा, “सही मायने में पूरी और व्यापक आयुर्वेदिक केयर देने के लिए हमें समझ आया कि मरीजों को बहुत गहराई से, अत्यधिक पर्सनलाइज़्ड अप्रोच की ज़रूरत है, जो सिर्फ प्रोडक्ट से आगे जाता है। इस स्तर का केयर देने के लिए समर्पित फिजिकल सेटअप ज़रूरी है। कई मायनों में यह कपिवा के लिए फुल सर्कल है। यह लॉन्च सीधे हमारे कंज़्यूमर्स की बातचीत से आया, जो स्ट्रक्चर्ड सपोर्ट चाहते थे। एक कस्टमर-फर्स्ट ब्रांड के तौर पर कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक हमारी कोशिश है कि उन्हें एंड-टू-एंड केयर मिले, जिसके वे हकदार हैं।” 

पिछले दस वर्षों में कपिवा ने ऐसे क्रॉनिक वेलनेस प्रोडक्ट बनाए हैं जो हेल्थ प्रॉब्लम्स को मूल कारण से संबोधित करते हैं। क्लीनिक मॉडल उसी विचारधारा को स्ट्रक्चर्ड क्लिनिकल केयर में आगे बढ़ाता है, जहाँ कंसल्टेशन, उत्पादों का उपयोग और फॉलो-अप एक सतत आयुर्वेदिक उपचार यात्रा का हिस्सा हैं।
कपिवा आयुर्वेद क्लीनिक फिलहाल बेंगलुरु के तीन केंद्रों: व्हाइटफील्ड, एचएसआर लेआउट और सरजापुर रोड पर चल रहे हैं। हर क्लीनिक डायबिटीज़, हार्ट हेल्थ, क्रॉनिक पेन और महिलाओं की सेहत के लिए कंसल्टेशन उपलब्ध कराता है। कंपनी पहले बेंगलुरु के अन्य केंद्रों में विस्तार करेगी और उसके बाद अन्य शहरों में विस्तार पर विचार करेगी। यह लॉन्च ब्रांड के हाल ही में घोषित कपिवा इनोवेशन फंड (KIF) के बाद आया है, जो आयुर्वेद में रिसर्च और इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए रुपये 50 करोड़ का कोष है। यह कंपनी की व्यापक महत्वाकांक्षा को दर्शाता है कि वह प्रोडक्ट से आगे बढ़कर एक समग्र आयुर्वेदिक हेल्थकेयर ब्रांड बने। Swati Behal 

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