आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट) ने सड़क, सफाई, जल निकासी, सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की
नई दिल्ली। भलस्वा डेयरी, स्वामी श्रद्धानंद कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़क, सफाई, जल निकासी तथा यातायात व्यवस्था से संबंधित विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री को एक विस्तृत जनहित ईमेल भेजा गया है। ईमेल के माध्यम से क्षेत्र की नागरिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए आवश्यक एवं समयबद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश कुमार सिंह द्वारा भेजे गए इस जनहित ईमेल में कहा गया है कि भलस्वा डेयरी, स्वामी श्रद्धानंद कॉलोनी तथा आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नागरिक निवास करते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क, सफाई, जल निकासी और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी अनेक समस्याएं बनी हुई हैं। इन समस्याओं का प्रभाव स्थानीय नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है तथा विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन एवं अन्य आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।



ईमेल में क्षेत्र के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तथा बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से नागरिकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनहित ईमेल में संबंधित विभागों द्वारा सड़कों की मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण कराए जाने की मांग की गई है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सके।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। खराब मार्गों और अन्य स्थानीय समस्याओं के कारण नागरिकों को आवागमन में कठिनाई होती है। इसी संदर्भ में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने तथा 101 बस सेवा के नियमित संचालन को सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है।
फुटपाथों पर अतिक्रमण की समस्या को भी जनहित ईमेल में प्रमुखता से उठाया गया है। संस्थान का कहना है कि कई स्थानों पर फुटपाथों का उपयोग अन्य गतिविधियों के लिए होने के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ईमेल में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कराने और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।


इसके अतिरिक्त नालियों की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। ईमेल में कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में नालियों में गाद एवं कचरा जमा होने के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे जलभराव और अस्वच्छता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस समस्या के समाधान हेतु नालियों की नियमित सफाई, सिल्ट निकासी तथा प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
संस्थान ने अपने पत्र में नियमित कूड़ा उठान, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने, फॉगिंग एवं मच्छर नियंत्रण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर समस्याओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव दिया गया है।
उमेश कुमार सिंह ने कहा कि जनहित में भेजे गए इस ईमेल का उद्देश्य क्षेत्र की नागरिक समस्याओं को संबंधित प्रशासनिक एवं सरकारी अधिकारियों के संज्ञान में लाना है, ताकि आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से स्थानीय निवासियों को राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संबंधित विभाग इस विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे।
आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट) ने विश्वास व्यक्त किया है कि सड़क, सफाई, जल निकासी, सार्वजनिक परिवहन एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित मुद्दों के समाधान हेतु प्रभावी कार्रवाई किए जाने से क्षेत्र के हजारों नागरिकों को लाभ मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। एवीके न्यूज सर्विस