गुंटूर, आंध्र प्रदेश: गुंटूर शहर में सड़क और रेल यातायात को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत हुई है। गुंटूर और नंबूर रेलवे स्टेशनों के बीच चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) की आधारशिला शनिवार को केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने रखी।
लगभग 108 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह आरओबी गुंटूर-कृष्णा नहर रेल खंड पर स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 3 का स्थान लेगा। परियोजना की पूरी लागत रेल मंत्रालय द्वारा वहन की जाएगी। प्रस्तावित पुल की लंबाई 668 मीटर होगी और इसके निर्माण के लिए लगभग 2.9 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाने की योजना है।

यह आरओबी गुंटूर शहर के इनर रिंग रोड के निकट स्थित होगा और बस स्टैंड रोड को सीधे गोरंटला गांव से जोड़ेगा। मौजूदा लेवल क्रॉसिंग पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान वाहनों को रुकना पड़ता है, जिससे कई बार यातायात प्रभावित होता है। नए पुल के निर्माण से इस समस्या को कम करने और सड़क यातायात को अधिक सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रेल सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर
आधारशिला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि भारतीय रेलवे के लिए यात्री सुरक्षा और परिचालन दक्षता प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि लेवल क्रॉसिंग को आधुनिक रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज से बदलना सड़क तथा रेल दोनों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि चार लेन वाला यह आरओबी स्थानीय यात्रियों और वाहन चालकों को रेल फाटक पर लगने वाले इंतजार से राहत देगा। इससे यात्रा समय और ईंधन की बचत के साथ-साथ शहर में यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी का प्रभाव आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
रेल मंत्री ने आंध्र प्रदेश में रेलवे के आधुनिकीकरण से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार राज्य के 74 रेलवे स्टेशनों को लगभग 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है।
सड़क और रेल परियोजनाओं में समन्वय
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश में परिवहन अवसंरचना के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच समन्वय से गुंटूर क्षेत्र में सड़क एवं रेल से जुड़ी कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आरओबी से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और लंबे समय से यातायात संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
668 मीटर लंबा होगा चार लेन का पुल
परियोजना के तहत मौजूदा एलसी गेट नंबर 3 के स्थान पर 668 मीटर लंबा चार लेन वाला रोड ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। यह संरचना गुंटूर-नंबूर मार्ग पर सड़क यातायात को रेल परिचालन से अलग करेगी। इससे रेल फाटक बंद होने के कारण वाहनों को रुकने की आवश्यकता कम होगी और यातायात का निरंतर प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलेगी।
परियोजना के लिए आवश्यक 2.9 एकड़ भूमि के साथ निर्माण की तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं। रेलवे के अनुसार परियोजना की लागत करीब 108 करोड़ रुपये है और इसका पूरा वित्तीय भार रेल मंत्रालय उठाएगा।
रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम की शुरुआत में दक्षिण तट रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर ने अतिथियों का स्वागत किया और जोन में चल रहे पूंजीगत निवेश तथा सुरक्षा संबंधी कार्यों की जानकारी दी। गुंटूर की मंडल रेल प्रबंधक सुदेशना सेन ने कार्यक्रम के आयोजन का समन्वय किया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बश्याम रामकृष्ण के अलावा पोन्नूर के विधायक धुलिपल्ला नरेंद्र कुमार, पूर्वी गुंटूर के विधायक मोहम्मद नज़ीर, पश्चिम गुंटूर की विधायक गल्ला माधवी और प्रतिपाडु के विधायक बी.आर. रामंजनेयुलु सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और गुंटूर के नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
परियोजना एक नजर में
परियोजना: एलसी गेट नंबर 3 के स्थान पर चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज का निर्माण
स्थान: गुंटूर-नंबूर, गुंटूर-कृष्णा नहर रेल खंड
लंबाई: 668 मीटर
अनुमानित लागत: 108 करोड़ रुपये
वित्तपोषण: रेल मंत्रालय द्वारा 100 प्रतिशत
भूमि आवश्यकता: लगभग 2.9 एकड़
मुख्य उद्देश्य: रेल फाटक पर यातायात बाधा कम करना, सड़क यातायात को सुचारू बनाना, यात्रा समय एवं ईंधन की बचत और सड़क-रेल सुरक्षा को बेहतर करना
गुंटूर शहर के बढ़ते यातायात और रेल परिचालन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को देखते हुए यह परियोजना स्थानीय परिवहन ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। इसके पूरा होने के बाद इनर रिंग रोड, बस स्टैंड रोड और गोरंटला क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को भी लाभ मिलने की संभावना है।