NEW English Version

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाली भारतीय वायुसेना की कमान, ‘वायु’ दृष्टिकोण से तय की भविष्य की दिशा

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम ने 1 नवंबर को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने, स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप युद्धक तैयारियों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यभार संभालने से पहले एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद नई दिल्ली स्थित वायुसेना स्टेशन पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

भारतीय वायुसेना

व्यापक परिचालन अनुभव से सुसज्जित नेतृत्व

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। एक परीक्षण पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक के रूप में उनके पास 3,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण परिचालन, कमान और रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं।

उनके प्रमुख पदों में मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में प्रमुखों की स्टाफ समिति के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (सीआईएससी), केंद्रीय वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ तथा भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख का पद शामिल है।

इन जिम्मेदारियों के दौरान प्राप्त अनुभव से उन्हें वायुसेना की परिचालन आवश्यकताओं, संयुक्त सैन्य रणनीति और आधुनिक रक्षा चुनौतियों की व्यापक समझ मिली है।

‘वायु’ दृष्टिकोण से तय होंगी प्राथमिकताएं

वायुसेना प्रमुख ने अपने पहले संबोधन में भारतीय वायुसेना के भविष्य के लिए ‘वायु’ नामक मार्गदर्शक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इस दृष्टिकोण के चार प्रमुख स्तंभ हैं, जिनका उद्देश्य वायुसेना को अधिक सक्षम, आधुनिक, आत्मनिर्भर और समन्वित बल के रूप में विकसित करना है।

V – सतर्कता, विजय एवं तत्परता

इस स्तंभ के तहत सभी वायुसेना इकाइयों में उच्चतम स्तर की परिचालन तत्परता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य युद्धक क्षमताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखना, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तैयार रहना है।

A – आत्मनिर्भरता

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारतीय वायुसेना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके तहत विमान, संवेदक, हथियार प्रणालियों और उन्नत तकनीकों के विकास एवं उत्पादन में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करना, परिचालन आवश्यकताओं के लिए देश में विकसित समाधानों को अपनाना और दीर्घकालिक युद्ध क्षमता को मजबूत करना है।

Y – युक्ति

आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को ध्यान में रखते हुए वायुसेना प्रमुख ने युद्ध सिद्धांतों, तकनीकी नवाचार और परिचालन प्रक्रियाओं में दूरदर्शिता अपनाने पर बल दिया।

इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कमान एवं नियंत्रण प्रणाली, ड्रोन रोधी क्षमताओं, परिचालन लचीलेपन और उभरते युद्ध क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई के लिए नई तकनीकों का उपयोग शामिल है।

इस दृष्टिकोण के माध्यम से भारतीय वायुसेना भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अपनी रणनीतिक और तकनीकी क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

U – प्रयासों में एकजुटता

भारतीय वायुसेना की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं और राष्ट्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इस स्तंभ के तहत थलसेना, नौसेना और अन्य संबंधित संस्थानों के साथ संयुक्त कार्यक्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

यह पहल राष्ट्रीय दृष्टिकोण ‘जय’ यानी संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के अनुरूप है। इसका उद्देश्य विभिन्न रक्षा बलों के बीच संसाधनों, सूचनाओं और परिचालन क्षमताओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होगी वायुसेना

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित का ‘वायु’ दृष्टिकोण भारतीय वायुसेना को बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसमें पारंपरिक सैन्य क्षमता के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और संयुक्त सैन्य अभियानों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

वायुसेना की परिचालन तत्परता बनाए रखना, तकनीकी आधुनिकीकरण को गति देना और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रभावी वायु शक्ति सुनिश्चित करना इस नेतृत्व की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा। भारतीय वायुसेना की भूमिका केवल युद्ध की स्थिति में जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी विश्वसनीय क्षमता के माध्यम से संभावित संघर्षों को रोकना और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »