NEW English Version

बारिश में बदहाल उसलापुर स्टेशन: प्लेटफॉर्म पर पानी, ट्रेन पकड़ने यात्रियों की जान जोखिम में

बिलासपुर: चक्रवाती तूफान के प्रभाव से हो रही लगातार बारिश ने उसलापुर रेलवे स्टेशन की यात्री सुविधाओं की पोल खोल दी है। स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर पानी भरने और यात्रियों के लिए पर्याप्त शेड नहीं होने से रेलयात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

करोड़ों की स्वीकृत राशि के बावजूद यात्री सुविधाएं अधूरी, शेड विस्तार और जलनिकासी पर उठे सवाल

हालात ऐसे हैं कि ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को बारिश में भीगने और फिसलन भरे प्लेटफॉर्म पर जोखिम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत है, तो यात्रियों को बारिश से बचाने जैसी बुनियादी व्यवस्था अब तक दुरुस्त क्यों नहीं हो सकी?

एक प्लेटफॉर्म से दूसरे तक दौड़, सिर पर बारिश की मार

उसलापुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर दो से भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती हैं। बिलासपुर से कटनी की ओर जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस, रीवा एक्सप्रेस, चिरमिरी पैसेंजर, कटनी मेमू, पेण्ड्रारोड मेमू सहित अन्य ट्रेनों के यात्रियों को भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त शेड नहीं होने के कारण यात्रियों को बारिश के बीच ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। ट्रेन आने पर सामान और बच्चों के साथ भीगते हुए डिब्बों तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती है।

50 मीटर के शेड में महज तीन-चार कोच को राहत

स्टेशन पर करीब 50 मीटर की दूरी में लगाए गए शेड से केवल तीन-चार स्लीपर कोच के यात्रियों को ही पर्याप्त राहत मिल पाती है। जनरल और अन्य कोचों में सफर करने वाले यात्रियों को बारिश में भीगकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। प्लेटफॉर्म पर खानपान सहित दूसरी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद यात्रियों को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होना रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।स्थिति यह है कि बारिश और फिसलन के बीच ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर शेड का विस्तार, जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था और यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।

24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत, फिर भी इंतजार

उसलापुर रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी है। इस राशि से शेड का विस्तार, अतिरिक्त सुविधाओं का विकास और स्टेशन के आधुनिकीकरण से जुड़े कार्य किए जाने हैं। इसके अलावा फुटओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग और लिफ्ट जैसी सुविधाओं से जुड़े कार्य भी विकास योजना का हिस्सा हैं। बताया गया है कि जनवरी में राशि स्वीकृत होने के बाद भी अब तक सभी प्रस्तावित कार्यों की शुरुआत नहीं हो सकी है। ऐसे में यात्रियों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में देरी क्यों हो रही है?

अमृत भारत योजना के तहत विकास, लेकिन बुनियादी सुविधा प्राथमिकता में क्यों नहीं?

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उसलापुर स्टेशन को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। रेलवे के अनुसार, शेड, सड़क और अन्य विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है। लेकिन यात्रियों की तत्काल जरूरत बारिश से बचाव, सुरक्षित प्लेटफॉर्म और सुचारु आवागमन है।रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह स्वीकृत कार्यों की समयसीमा स्पष्ट करे और शेड विस्तार तथा जलनिकासी जैसे जरूरी कार्यों को प्राथमिकता दे। स्टेशन का आधुनिकीकरण केवल भवन और अन्य संरचनाओं के विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव देना भी इसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

बड़ा सवाल

करोड़ों रुपये की विकास योजना के बीच उसलापुर स्टेशन के यात्रियों को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त शेड कब मिलेगा? रेलवे प्रशासन को इस दिशा में तत्काल पहल कर यात्रियों को हर बारिश में होने वाली परेशानी से राहत दिलानी चाहिए।

सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, एवीके न्यूज सर्विस
सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’
वरिष्ठ पत्रकार / साहित्यकार / अधिवक्ता, एवीके न्यूज सर्विस
Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »