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मानव अब भी चेत जा; तूने प्रकृति को अभी भी जाना नहीं..?

भारतवर्ष में वनसंपदा का बहुत महत्व है। मान्यता है कि सघन वनों की छाया में ही…

गौरैयारानी जो कभी घर आंगनों की शोभा होती थी

विश्व गौरैया दिवस प्रतिवर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। गौरैया चिकने, गोल सिर और गोलाकार…

बेलगहना पुलिस की सूझबूझ से बची जान

जिले के बेलगहना थाना क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता और खोजी डॉग ‘विमला’ की अद्भुत सूझबूझ…

 तोर कसम नोनी के दाई , दारू नई पिहौं 

समारु अपन घर में परिवार के साथ खाना खाए बर बइठे हे। दुनो लईका मन भी…

महामारी और युद्ध के साए के बाद: फिर पटरी पर लौटेगी दुनिया

दुनिया ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कठिन दौर देखे हैं, जिनकी कल्पना आधुनिक समय में…

बोलती परछाइयाँ में स्मृतियों, संवेदनाओं और जीवन-दर्शन की गहन अभिव्यक्ति

समकालीन हिंदी साहित्य में संस्मरण और आत्मानुभव आधारित लेखन की एक विशिष्ट परंपरा रही है, जिसमें…

उपभोक्ता; सेवा, क्रय पूर्व सजग बने जागरूक रहें

"कोई भी राष्ट्र उस देश के कानूनों तथा संविधान से महान् नहीं बनता, जन आंकाक्षा ऊर्जा…

गणित की स्थिरता: मानव जिज्ञासा का अनंत प्रतीक

हर वर्ष 14 मार्च को विश्वभर में पाई दिवस मनाया जाता है। यह तिथि 3/14 गणितीय…

भारतीयों की हो रही नींदे कम

सुरेश सिंह बैस "शाश्वत" आज के तेज़ रफ्तार जीवन में एक ऐसी समस्या चुपचाप हमारे समाज…

दांडी यात्रा अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ क्रांति का सिंहनाद

दांडी यात्रा यानि नमक सत्याग्रह की शुरुआत 12 मार्च 1930 को हुई ​थी। महात्मा गांधी के…

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