अशोक महान् बिंदुसार के पुत्र थे, यद्यपि अशोक बड़े पुत्र नहीं थे पर बिंदुसार के बाद…
Tag: सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"
समाज का दर्पण, संवेदना का मंच होता है रंगमंच
हर वर्ष 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1961 में इंटरनेशनल …
महादेवी प्रयाग की गंगा
कवि शिरोमणि निराला ने कभी महादेवी वर्मा कवयित्री के व्यक्तित्व को उक्त पंक्तियों से समझने की…
बीमारी से अधिक, असमानता के विरुद्ध संघर्ष
सन् 1882 में जर्मन वैज्ञानिक राबर्ट कोच ने क्षय रोग (टीबी) के जीवाणु माइको बैक्टेरियम ट्यूबरक्यूलोसिस…
बलिदान की विरासत और राष्ट्र का आत्ममंथन
भारत के इतिहास की 23 मार्च वह तिथि है, जो केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं,…
देश में सर्वजन सर्व समभाव रहे: लोहिया
समूचे भारतीयों में समाजवाद का प्रचार प्रसार हो सभी एक दूसरे के साथ समता पूर्वक रहें।…
“जल ही जीवन, जल ही कल : सतत भविष्य का संकल्प”
पेयजल पृथ्वी पर कितनी अहम चीज है यह निम्न सर्वे से पता चल सकता है की…
कविता: मानवता की शाश्वत आवाज
प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को समूचा विश्व विश्व कविता दिवस मनाता है। यह केवल एक तिथि…
मानव अब भी चेत जा; तूने प्रकृति को अभी भी जाना नहीं..?
भारतवर्ष में वनसंपदा का बहुत महत्व है। मान्यता है कि सघन वनों की छाया में ही…
गौरैयारानी जो कभी घर आंगनों की शोभा होती थी
विश्व गौरैया दिवस प्रतिवर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। गौरैया चिकने, गोल सिर और गोलाकार…