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अब तो धरती की कदर कर लो, वरना बारूद के ढेर पर बैठी मानवता को संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा

धरती केवल मिट्टी, पत्थर, पहाड़ और नदियों का समुच्चय नहीं है, बल्कि यह समूची सृष्टि की…

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