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चीन-अमेरिका की निकटता से भारत के सामने वैश्विक चुनौतियाँ

दुनिया एक बार फिर ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है जहाँ दो महाशक्तियों-अमेरिका…

कब तक दोहराई जाती रहेंगी निर्भया जैसी त्रासदियां ?

दिल्ली के नांगलोई में एक निजी बस के भीतर महिला के साथ हुई बस कंडक्टर एवं…

दवा नहीं, जहर का कारोबार: भारत की साख पर संकट

पिछले दिनों सामने आई खबरों ने पूरे देश को चिंता और बेचैनी में डाल दिया कि…

वैश्विक संकटों के दौर में परिवार ही रिश्तों की अंतिम शरणस्थली

हर वर्ष 15 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस एक मानवीय रिश्तों का उत्सव…

मोदी के राष्ट्रहित के आह्वान में भी राजनीति क्यों?

आज पूरी दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट…

बढ़ते अपराध और अपराधमुक्त समाज निर्माण की चुनौती

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़े केवल सांख्यिकीय दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे हमारे…

रोगियों की मुस्कान और उम्मीद का दूसरा नाम हैं नर्सें

हर वर्ष 12 मई को पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाती है। यह दिन आधुनिक नर्सिंग…

किराये की संतान नहीं, अपनत्व का पुनर्जागरण चाहिए

जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ उतरती है, तब मनुष्य को सबसे अधिक…

आईसीयू के अमानवीय एवं अनैतिक पक्षों की निगरानी जरूरी

देश में स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति पर विचार करते समय एक अत्यंत चिंताजनक, मानवीय और…

महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबनाओं में से एक यह है कि जिस देश में महिलाओं…

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