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“आपकी मेहनत और लगन का परिणाम मिलता है”, यह कहना है भारतीय पोकर मास्टर्स विजेता, विक्रम मिश्रा का

दरभंगा, बिहार के रहने वाले विक्रम मिश्रा ने नेशनल पोकर सीरीज इंडिया 2023 पोडियम को पूरा किया। उन्होंने के पोकरबाजी प्रतिष्ठित पोकर मास्टर्स टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया और 2,62,000 रुपए का नकद पुरस्कार जीता। पेशेवर पोकर के दौरान, विक्रम अपनी सफलता का पूरा श्रेय “सही पलों में सही निर्णय, निरंतर प्रयास और हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेलने को देते हैं।”

अपनी जीत और पोकर की अपनी आकांक्षाओं के बारे में विक्रम मिश्रा कहते हैं, “स्किल का निर्माण करने के साथ ही पोकर गणित, रणनीति और सकारात्मक सोच का भी खेल है। वैसे तो यह काफी आसान नजर आता है लेकिन इस खेल के साथ काफी गलतफहमियां और सामाजिक कलंक जुड़े हुए हैं। सबसे पहले तो पोकर रणनीति का खेल है और इसमें लगातार सीखने तथा कुछ नया जानने की जरूरत होती है। भारतीय पोकर मास्‍टर्स टूर्नामेंट में यह उपलब्धि हासिल करना, एक रोचक अनुभव रहा है। मुझे उम्मीद है कि मेरी कहानी भावी पोकर खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और उन्हें पोकर का अपना सफर शुरू करने का प्रोत्साहन मिलेगा।”

विक्रम, निरंतरता की ताकत को मानते हैं और इस खेल का सम्मान करते हैं। पेशे से एक इंजीनियर, विक्रम ने 2015 में एक प्रोफेशनल पोकर खिलाड़ी बनने के बारे में सोचा था। पहले तो वे अपने दोस्तों के साथ ऐसे ही छिटपुट खेल में हिस्सा लिया करते थे और धीरे-धीरे इस खेल में उनकी दिलचस्पी होने लगी। 

उनकी जीत पर बधाई देते हुए, नवकिरण सिंह, सीईओ और को-फाउंडर, बाज़ी गेम्स का कहना है, “विक्रम का सफर दर्शाता है कि कैसे पोकर अब महानगरों में इतना प्रचलित, सम्मानित और जाना-माना खेल बन गया है। उनकी जीत दृढ़ इच्छाशक्ति रखने वाले लोगों के सामने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने और पोकर में सम्मानित कॅरियर बनाने की क्षमता का उदाहरण पेश करता है। मैं पोकर से जुड़े सामाजिक कलंक को मिटाने और खिलाड़ियों में इस खेल की और भी गहरी समझ लाने के प्रयासों के लिए विक्रम की सरहाना करता हूं।” 

पोकर के नए खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण टिप्स देने के दौरान, विक्रम ने इस खेल में पूरी तरह डूबने और इसके हर पहलू के बारे में जानने पर जोर दिया। उन्होंने इससे जुड़े जोखिमों को जानने के लिए भी कहा। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर खेल खेलने के लिए लगातार अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करते रहने के अलावा इसके बेसिक से शुरूआत करने और बैंकरोल मैनेजमेंट के लिए प्रोत्साहित किया। 

विक्रम का मानना है कि 28% जीएसटील लगाने से ज्यादातर पेशेवर पोकर खिलाड़ी प्रभावित होंगे और इसे पूर्णकालिक खेल के रूप में अपनाने के बारे में विचार कर रहे भावी खिलाड़ियों को बड़ा झटका लगेगा। 

पोकरबाज़ी के विषय में:- पोकरबाजी भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन पोकर प्‍लेटफॉर्म है, जो खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से पोकर खेलने का मौका देता है। बाज़ी गेम्‍स के फाउंडर और सीईओ श्री नवकिरण सिंह के नेतृत्‍व में इस प्‍लेटफॉर्म के पास अभी 3.5 मिलियन से ज्‍यादा रजिस्‍टर्ड यूजर्स हैं। पोकरबाजी अपने प्रोडक्‍ट एवं आईपी में लगातार नवाचार करके भारत में पोकर के विस्‍तार में नेतृत्‍वकारी भूमिका निभा रहा है। पुरस्‍कार जीत चुका गेमिंग मोबाइल एवं डेस्‍कटॉप ऐप 24/7 कस्‍टमर सपोर्ट, यूजर-फ्रैंडली इंटरफेस और टूर्नामेंट्स की एक व्‍यापक रेंज मुहैया कराता है और यह खूबियां पोकरबाजी को एक दिलचस्‍प प्‍लेटफॉर्म बनाती है।

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