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श्री अमित शाह ने आज असम के तेजपुर में सशस्त्र सीमा बल के 60वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के तेजपुर स्थित एसएसबी रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के 60वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, SSB के महानिदेशक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

इस अवसर पर गृह मंत्री ने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले SSB के 51 वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ही सशस्त्र सीमा बल के पांच कर्मियों ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहूति दी। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर जवानों के भरोसे पर ही देश चैन की नींद सोता है। श्री अमित शाह ने परमवीर चक्र से सम्मानित करम सिंह जी की पुण्य तिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि करम सिंह जी ने उत्तम बहादुरी का उदाहरण देते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने करम सिंह जी की स्मृति में उनके नाम पर अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में एक द्वीप का नाम करम सिंह आइलैंड रखा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज 226 करोड़ रुपए की लागत से SSB से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। जिनमें 45वीं वाहिनी मुख्यालय वीरपुर, 20वीं वाहिनी मुख्यालय सीतामढ़ी, रिजर्व वाहिनी मुख्यालय बारासात में आवास, जवानों के लिए बैरक, मेस, अस्पताल, क्वार्टर गार्ड, स्टोर और गैराज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सभी CAPFs की सुविधाओं के लिए अनेक कल्याणकारी कदम उठाये हैं। गृह मंत्री ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल की 60वीं हीरक जयंती के मौके पर भारत सरकार ने एक डाक टिकट का भी विमोचन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह डाक टिकट हमेशा SSB की कर्तव्यपरायणता को देश के सामने जीवित रखेगा।

गृह मंत्री ने कहा कि SSB का इतिहास सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व के मंत्र से सुसज्जित है। भारत-चीन युद्ध के पश्चात 1963 में SSB की स्थापना हुई और उसके बाद अटलजी जब ‘वन बॉर्डर, वन फोर्स’ की नीति को अमल में लेकर आए, तब से SSB बहुत ही कर्तव्यपरायणता के साथ वर्ष 2001 से भारत-नेपाल सीमा और वर्ष 2004 से भारत- भूटान सीमा की सुरक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि SSB 2,450 किलोमीटर लंबी खुली सीमाओं की रखवाली पूरी तत्परता के साथ कर रही है और वन हो या पहाड़, नदी हो या पठार, SSB के जवानों ने किसी भी प्रकार के मौसम में ड्यूटी के साथ कभी समझौता नहीं किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सभी CAPFs में SSB एक ऐसा अनूठा संगठन है, जिसने सीमाओं की सुरक्षा तो की ही है, दुर्गम क्षेत्रों में आतंकवादियों और नक्सलियों का सामना भी किया है। साथ ही भारत-चीन, भारत-नेपाल और भारत-भूटान के सीमावर्ती इलाकों के सभी गांवों के सांस्कृतिक, भाषाई, भौगोलिक और इतिहास की सारी जानकारियों को बारीकी से संजोने का काम भी किया है। उन्होंने कहा कि इस अनूठे काम से ऐसे सभी गांवों को उनके सांस्कृतिक और भाषाई इतिहास से देश के साथ जोड़ने में मदद तो मिलती है साथ ही जहां-जहां सीमा विवाद हैं वहां भारत के दावे को पुष्ट और मजबूत करने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं की सांस्कृतिक एकता बनाए रखने और विवादित क्षेत्रों में भारत के दावों को मजबूती देने के लिए SSB के बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले इन कार्यों का बहुत उपयोग है और इससे देश को बहुत फायदा भी हुआ है।

गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि SSB ने बीते एक वर्ष के भीतर पांच हजार से ज्यादा तस्करों, 24 हजार किलोग्राम मादक द्रव्यों, 144 हथियारों और भारी मात्रा में गोला-बारूद की जब्ती की है और लगभग 500 मासूमों को मानव तस्करी से भी बचाया है। उन्होंने कहा कि SSB के जवान नेपाल और भूटान जैसे मित्र देशों की सीमा की सुरक्षा करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने कहा CRPF और BSF के साथ मिलकर SSB ने नक्सल आंदोलन को हाशिये पर लाकर रख दिया है। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आगामी 3 वर्षों के भीतर नक्सल समस्या से पूरा देश शत-प्रतिशत मुक्त हो जाएगा। उन्होने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में CRPF, BSF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के साथ SSB के जवानों ने कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया है, बलिदान भी दिए हैं और अपनी वीरता से ऐतिहासिक गाथाओं की रचना भी की है।

श्री अमित शाह ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी SSB ने अच्छा प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में SSB ने इस वर्ष 234 पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि सभी CAPFs में खेलों को बढ़ावा देने के लिए गृह मंत्रालय ने एक नीति बनाने का निर्णय किया है और  जल्द ही यह नीति सामने आएगी। गृह मंत्री ने कहा कि इस नीति का लाभ किस तरह बैरक स्तर तक पहुंचे, इसकी वैज्ञानिक व्यवस्था वे खुद देख रहे और गृह सचिव भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। श्री शाह ने एशियाई खेलों में एथलेटिक में कांस्य पदक जीतने वाले SSB के जवानों को बधाई भी दी।

गृह एवं सहकारिता मंत्री ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में SSB द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि SSB ने 2026 तक बल में महिला कर्मियों की संख्या को छह प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अभी बल में 4 प्रतिशत महिला कर्मी हैं। इसके अलावा, UN मिशन और अमरनाथ यात्रा जैसी चुनौतीपूर्ण ड्यूटी में भी SSB की महिला जवानों ने हिस्सा लिया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना सीमावर्ती गांवों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की भेंट है। उन्होंने कहा कि यह योजना इस नये लक्ष्य के साथ लाई गई है कि सीमा पर देश का अंतिम गांव नहीं है बल्कि देश का पहला गांव है और देश वहीं से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि एक नई अवधारणा और कार्य संस्कृति के साथ मोदी सरकार आगे बढ़ रही है। SSB भी गांवों के संपूर्ण विकास के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन के साथ अच्छा काम कर रही है। भारत सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं को नीचे तक पहुंचाने में SSB ने बड़ी भूमिका अदा की है। SSB ने गांवों के लोगों को सीमा सुरक्षा में भागीदार बनाने का भी अच्छा मॉडल तैयार किया है।

गृह मंत्री ने कहा कि जब से श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तब से रिक्त पदों को भरने और सीमा की सुरक्षा करने वाले कर्मियों के कार्य बोझ को बांटने के लिए बड़ा अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि एक लाख 75 हजार रिक्तियों की भर्ती 2014 से अब तक पूरी कर ली गई है। किसी भी नौ साल में होने वाली भर्तियों से यह दोगुना से भी अधिक है। उन्होने कहा कि यह दर्शाता है कि कार्य सुरक्षा बल कर्मियों के बोझ को कम करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि पिछले वर्षों में भर्ती में तेजी लाने और योग्य प्रत्याशियों के चयन के लिए एनसीसी कैडेटस के लिए बोनस अंक रखे गए हैं। सीमावर्ती जिलों और उग्रवाद प्रभावित जिलों के युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। कोविड के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए उम्र सीमा में तीन साल की छूट दी गई है। इसके अलावा, मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना में अग्निवीरों को दस प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए तीनों कानूनों को नए स्वरूप में लाकर देश की जनता के सामने रखा है। इन कानूनों का उद्देश्य देश की जनता को न्याय दिलाना है, जबकि पहले के कानूनों का उद्देश्य दंड देना था। अब किसी भी FIR के तहत सजा दिलाने का काम तीन साल के अंदर पूरा होगा और न्याय में देरी खत्म होगी। इन कानूनों के लागू होने से हमारी न्याय व्यवस्था दुनिया में सबसे आधुनिक होगी, इससे सजा कराने की दर में भी बहुत वृद्धि होगी क्योंकि इसमें फॉरेंसिक को बहुत महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि 7 साल और उससे ऊपर के सभी गुनाहों के लिए फोरेंसिक ऑफिसर की विजिट को कानूनी रूप से अनिवार्य किया गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि SSB की सभी इकाइयां दूध, पनीर, फल, सब्जियां और श्री अन्‍न को स्थानीय गांवों से खरीद रही हैं, जो गांव में रोजगार और आर्थिक उन्नति की दिशा में बहुत बड़ा प्रयास है। इसके साथ-साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी, एक भारत श्रेष्ठ भारत और आजादी का अमृत महोत्सव के क्षेत्र में भी SSB ने अच्छा काम किया है। वृक्षारोपण अभियान को गति देने के लिए 5 साल में सीएपीएफ के माध्यम से 5 करोड़ से ज्यादा वृक्ष लगाए गए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि CAPFs के कर्मियों के लिए ‘आयुष्मान सीएपीएफ’ के तहत 40 लाख से ज्यादा CAPF कर्मचारियों को कार्ड दिया गया है, आवास योजना में 11,000 नए मकान बीते 5 साल में बनाए गए हैं, ई-आवास पोर्टल के माध्यम से लगभग 52,000 खाली पड़े मकान आवंटित किए गए हैं, प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना को साइंटिफिक बनाया गया है ताकि यह हर बच्चे तक पहुंचे। इसके साथ-साथ केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार के नियमों को भी सरल किया गया है। 

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