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दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोहा

आस का प्रयास दिव्यांगों के जीवन में एक उजाला है: गर्ग

सुखी परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री ललित गर्ग ने कहा कि आस का प्रयास आगे आने वाले समय में दिव्यांगो, मूक-बधिरों व बेसहारा लोगों की सेवा करने में मील का पत्थर साबित होगा और यही नया भारत, सशक्त भारत का आधार बनेगा। श्री गर्ग राजधानी दिल्ली के आईटीओ स्थित हिन्दी भवन में एक गैर लाभकारी संस्था ‘आस-एन एसोसिएशन फाॅर सोशल वैलफेयर’ के प्रयास द्वारा दिव्यांग, नेत्रहीन, मूक एवं बधिर बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जीवन उपयोगी वस्तुओं के वितरण समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। समारोह के मुख्य अतिथि माता जयकौर पब्लिक स्कूल के चेयरपर्सन श्री सुरजीत सिंह, विशिष्ट अतिथि श्री नीरज गुप्ता, श्री पराग जैन थे। इस अवसर पर दिल्ली एनसीआर के परवरिश स्पेशल स्कूल-झिलमिल कालोनी, स्पर्श स्कूल-गाजियाबाद, अद्वितीय रिहैबिलिटेशन एंड लर्निंग सेंटर, सेक्टर-2, रोहिणी, प्रमिलाबाईं चव्हाण बधिर विद्यालय-कड़कड़डूमा सहित कुल 9 मूक-बधिर बच्चों के स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया।

श्री गर्ग ने आगे कहा कि दिव्यांग और साधनहीन भी किसी से कम नहीं होते, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए थोड़े से सहयोग एवं समतामूलक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। ऐसे बच्चों के साथ सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भागीदारी को बढ़ावा देना ही ‘आस’ का प्रयास है। जुनून, हौसला और अनुभव मिलकर ही निर्बल और दिव्यांग बच्चो के बहुमुखी विकास को आकार दिया जा सकता है। मुरझाये चेहरों पर मुस्कान लाने का आस एक अनुष्ठान है, उनके अभाव एवं अपंगताओं को अभिशाप न बनने देने का एक महायज्ञ है।

मंच का संचालन श्री अरविन्द शर्मा ‘विजय’ ने कुशलता के साथ किया। कार्यक्रम की शुरूआत दिव्यांग बच्चों द्वारा गणेश वंदना से हुई। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम की शुरूआत की। आस की अध्यक्षा श्रीमती ललिता गुप्ता ने कहा कि नेत्रहीन, शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के उपयोग में आने वाली वस्तुएं प्रदान कर सहायता की गई, जिसमें स्वेटर, कंबल, दाल-चावल, मसाले, काॅपियां, नेत्रहीन छात्रों के लिए बैंत, ब्रैल पेपर, व्हीलचेयर, कान के सुनने के मशीन आदि शामिल थे। बच्चों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो इसके लिए आरओ, कम्प्यूटर प्रिंटर आदि भी भेंट किये गए। आस के महासचिव श्री विकास जैन ने बताया कि 113 बच्चों को चयनित करके 1500 रुपये प्रति छात्र छात्रवृत्ति प्रदान की गई। संस्था के कोषाध्यक्ष श्री राहुल मित्तल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य एक बेहतर और सर्व समावेशी समाज का निर्माण करना है, जिसमें सभी लोगों को समान अवसर हासिल हो सके। सक्षम सहयोग व नेक इरादे से संचालित ‘आस’ की यह पहल एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों एवं अतिथि श्री ललित गर्ग, श्री सुरजीत सिंह, श्री नीरज गुप्ता, श्री पराग जैन, श्री रविन्द्र जैन, श्री राकेश गुप्ता, श्री संजय जैन, श्री सुशील गोयल, श्री रमाकांत तिवारी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री रविन्द्र गडोदिया, श्री दिलिप गर्ग, श्री राजेश मल्होत्रा आदि का शाॅल एवं शील्ड प्रदत्त कर सम्मान किया गया। उदारमना एवं दानदाता लोगों को भी सम्मानित किया गया। संस्था की श्रीमती ललिता गुप्ता, श्री विकास जैन, श्री रामकिशन अग्रवाल (राम भाईं), श्री पवन दीक्षित, श्री मुकेश जैन, श्री दुर्गेश माथुर, श्री के. के. शाह, श्री राहुल मित्तल, श्री संजय जैन, श्री जगदीश प्रसाद अग्रवाल, श्री देवेन्द्र सर्राफ, श्री जयप्रकाश गोयल, श्री मुनेश जैन, श्रीमती दीपिका बंसल, श्रीमती मानसी सरोगी आदि समाजसेवियों एवं संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने दिन-रात मेहनत कर ये सामान ना केवल एकत्रित किया, बल्कि आज सद्भाव के साथ उनको सौंप दिया। सेवा, परोपकार एवं संवेदना की दृष्टि से ‘आस’ का यह प्रयास सर्वत्र सराहा गया।

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