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“विशिष्ट और विवेकशील” जेसीबी प्राइज फॉर लिट्रेचर 2024 के निर्णायक मंडल की घोषणा

जेसीबी प्राइज फॉर लिट्रेचर- जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों में से एक है, ने 2024 के लिए अपने निर्णायक मंडल की घोषणा की है। अपनी इस साहित्यक यात्रा के 7वें वर्ष के जेसीबी प्राइज के निर्णायक मंडल के सदस्यों में, श्री जेरी पिंटो, जो एक लेखक, अनुवादक और कवि हैं; सुश्री दीप्ति शशिधरन, जो कला इतिहासकार और क्यूरेटर हैं; श्री शौनक सेन, जो एक फिल्म निर्माता और लेखक हैं; श्री त्रिदीप सुह्रद, जो एक लेखक और अनुवादक हैं; और सुश्री एक्वी थामी, जो एक कुशल कलाकार और शिक्षाविद हैं, शामिल हैं। श्री जेरी पिंटो, 2024 के इस निर्णायक मंडल के अध्यक्ष होंगे।

निर्णायक मंडल के प्रत्येक सदस्य विशिष्ट सांस्कृतिक और बौद्धिक कला रूपों में पारंगत हैं, और विभिन्न भाषाओं और अभिव्यक्ति के प्रकारों में महारत रखते हैं। अपने विविध दृष्टिकोणों के साथ, वे इस वर्ष के भारत के सबसे विशिष्ट उपन्यास की खोज करने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ एकजुट हुए हैं। साहित्य के लिए जेसीबी पुरस्कार, जेसीबी लिटरेचर फाउंडेशन द्वारा संचालित तथा जेसीबी इंडिया लिमिटेड द्वारा समर्थित है, जो खुदाई और निर्माण उपकरणों की अग्रणी निर्माता है।

इस वर्ष के निर्णायक मंडल पर अपनी राय व्यक्त करते हुए, दी जेसीबी प्राइज़ फॉर लिटरेचर की साहित्यिक निदेशक मीता कपूर ने कहा,पिछले छह वर्षों में, दी जेसीबी प्राइज फॉर लिट्रेचर भारत के कोने-कोने के पाठकों और साहित्य उत्साही लोगों से मिला, और जो बात सबसे अधिक उभरी, वह है साहित्य को देशभर में प्राप्त प्यार। अपने सातवें वर्ष में, जेसीबी प्राइज एक बार फिर से उन पुस्तकों को  खोजने का प्रयास कर रहा है जो इस बात का सच्चा प्रतिनिधित्व करता है कि भारत आज पढ़ रहा है। इस वर्ष का निर्णायक मंडल अपनी वैचारिक विविधता के साथ उत्कृष्ट लेखन और शानदार कहानियों को खोज कर सम्मानित करने में असीम ऊर्जा और समर्पण ला रहा है।” 

2024 निर्णायक मंडल के अध्यक्ष श्री जेरी पिंटो ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “जेसीबी प्राइज, जो अब भारत में साहित्यिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, के निर्णायक मंडल की अध्यक्षता करने का अवसर मिलने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। साल के अधिकांश समय में दिलचस्प लोगों के समूह के साथ विभिन्न पुस्तकों पर चर्चा करने से बेहतर और क्या हो सकता है?”

निर्णायक मंडल का परिचय:

जेरी पिंटो (अध्यक्ष)
लेखक, अनुवादक तथा कवि

श्री जेरी पिंटो एक कवि, लेखक, संपादक और अनुवादक हैं। आपके उपन्यास ‘एम और द बिग हूम’ ने  क्रॉसवर्ड प्राइस, हिंदू लिट फॉर लाइफ अवार्ड, और साहित्य अकादमी पुरस्कार जीते हैं। 2016 में, आपको येल यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा फिक्शन के लिए विंडहेम-कैंपबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आपके दूसरे उपन्यास ‘मर्डर इन माहिम’ ने फिक्शन के लिए वैली ऑफ वर्ड्स पुरस्कार जीता। आपका तीसरा उपन्यास ‘दी एजुकेशन ऑफ युरी’ ने दुनियाभर से प्रसंशा बटोरी हैं।

आपने कई संकलन संपादित किए हैं, जैसे: ‘बॉम्बे मेरी जान: राइटिंगस ऑन मुंबई’; ‘रिफ्लेक्टेड इन वॉटर: राइटिंग्स ऑन गोवा’; ‘द ग्रेटेस्ट शो ऑन अर्थ: राइटिंग्स ऑन बॉलीवुड’ और शांता गोखले के साथ, ‘बॉम्बे-मुंबई, माया नगरी’ कहानी संग्रह। आपने दया पवार के उपन्यास ‘बलुटा’, सचिन कुंडलकर के पहले उपन्यास ‘कोबाल्ट ब्लू’, और मल्लिका अमर शेख के ‘आई वांट टू डिस्ट्रॉय माइसेल्फ’ आदि का अनुवाद किया है। आपने बच्चों के लिए भी अनेक किताबें लिखी हैं। ‘आन्या एंड हर बेबी ब्रदर’ और ‘माय डैडी एंड वेल’ पराग होनर्स सूची में शामिल रहे हैं। जेरी के दो कविता संग्रह हैं, ‘एसाइलम’ और ‘आई वांट ए पोएम एंड अदर पोएम्स’। आप मेलजोल, जो बच्चों के अधिकारों के क्षेत्र में काम करती है, और पीपलस फ्री रीडिंग रूम एंड लाईब्रेरी’ के बोर्ड में शामिल रहे हैं। आपने तीस सालों से अधिक  सोफिया पॉलिटेक्निक, मुंबई के स्नातकोत्तर सोशल कम्युनिकेशंस मीडिया कोर्स में पत्रकारिता पर शिक्षण दिया है।

दीप्ति शशिधरन
कला इतिहासकार और संग्रहकर्ता 

 दीप्ति शशिधरन एक कला इतिहासकार, संग्रहकर्ता, और एक आर्काइविंग की संस्थापक निदेशक हैं, जो एक प्रमुख सांस्कृतिक सलाहकार कंपनी है जो भारत भर में विरासत और संग्रहालय परियोजनाओं में विशेषज्ञता रखती है। इस क्षेत्र में पारंगतता रखते हुए, आपने सरकारी निकायों, निजी संस्थानों, और कॉर्पोरेट के साथ साझेदारी करते हुए विभिन्न परियोजनाओं में वास्तुकला, डिज़ाइनर, प्लानर, और प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम किया है। 

दीप्ति की विशेषज्ञता अभिलेखागार और संग्रहों के निर्माण के क्षेत्र में है। उनके द्वारा की गई परियोजनाओं में चेन्नई का कलाक्षेत्र, उदयपुर का सिटी पैलेस, मुंबई पुलिस, और मुंबई के टाटा ट्रस्ट के लिए अभिलेखागार निर्माण शामिल है। आपकी महत्वपूर्ण स्थापनाओं में चौमहल्ला पैलेस प्रदर्शनी, फोर्ट कोची में ऐतिहासिक बस्तियन बंगला संग्रहालय, बेंगलुरु में इंडियन पेपर मनी का संग्रहालय, और पोरबंदर में आर्या कन्या गुरुकुल संग्रहालय शामिल हैं। अध्ययन में उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने के लिए आपको पुर्तगाल की फ़ुंडासाओ ओरिएंट और न्यूयॉर्क मेट में फुलब्राइट फैलोशिप प्राप्त हुई है। एक उत्कृष्ट लेखक के रूप में, दीप्ति ने दो महत्वपूर्ण किताबों का सह-लेखन किया है, जिसमें से एक ‘ट्रेजर ऑफ दक्कन’ (2018) शामिल है। उनका इस क्षेत्र में प्रेम और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रति समर्पण उन्हें कला इतिहास और संग्रहालय नियोजन के क्षेत्र में एक विशिष्ट व्यक्तिव बनाता है।

शौनक सेन
फिल्मकार और लेखक

शौनक सेन अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकित फिल्मकार और लेखक हैं। आपकी फिल्म ‘ऑल थैट ब्रीथ्स’ को 2023 के अकादमी और बाफ्टा पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया। इस फिल्म ने कैन्स, संडेंस, बीएफआई लंदन, आईडीए और सिनेमा आई जैसे 24 अन्य फिल्म महोत्सवों में पुरस्कार जीते हैं।

आपकी पहली फीचर-लेंथ डॉक्यूमेंट्री ‘सिटीज़ ऑफ़ स्लीप’ (2016) को विभिन्न महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में प्रदर्शित किया गया और इसने 6 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते। शौनक को संडेंस, ट्राईबेका, आईडीएफए – एम्स्टरडम जैसे संस्थानों से अनुदान मिला है। 

आपको स्विट्जरलैंड में प्रो हेल्वेटिया रेजिडेंसी, सराय-सीएसडीएस अनुदान, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में विजिटिंग विद्यार्थी के रूप में चार्ल्स वॉलेस अनुदान मिला है। शौनक का शोध पत्र बायोस्कोप और वाइडस्क्रीन जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है। आप वर्तमान में मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट, बर्लिन में एक विजिटिंग फेलो के रूप में कार्यरत हैं।

त्रिदीप सुह्रुद
एक विद्वान, लेखक, और अनुवादक

त्रिदीप सुह्रुद एक विद्वान, लेखक, और अनुवादक हैं जो गांधीवादी बौद्धिक परंपरा पर काम करते हैं। आपने साबरमती आश्रम संरक्षण और स्मारक ट्रस्ट (2012-2017) के निदेशक और मुख्य संपादक के रूप में कार्य किया, जहां आपने एम के गांधी के जीवन और कार्यों पर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल संग्रह, गांधी हेरिटेज पोर्टल, को तैयार किया। 

आपने तीन भाषाओं – गुजराती, अंग्रेजी, हिंदी में 38 पुस्तकों के लेखक, संपादक, और अनुवादक के रूप में काम किया है। इसमें हिंद स्वराज का द्विभाषीय संस्करण (सह-संपादक और सह-अनुवादक सुरेश शर्मा, 2010), नारायण देसाई की गांधी की जीवनी के चार खंडों का अंग्रेजी अनुवाद, माय लाइफ इज माय मैसेज (2009), गुजराती उपन्यास ‘सरस्वतीचंद्र’ के चार खंडों का अंग्रेजी अनुवाद (2015) और गांधी की आत्मकथा अथवा सत्य के प्रयोग की कथा (2018) का महत्वपूर्ण संस्करण शामिल है। आपका सबसे हाल का काम ‘स्कॉर्चिंग लव’ (2022) गोपालकृष्ण गांधी के साथ है। आपको कथा अवार्ड (1999), साहित्य अकादमी का अनुवाद पुरस्कार (अंग्रेजी, 2010) और गुजराती में उनके काम के लिए पहला नीरंजन भगत स्मारक पुरस्कार (2019) प्राप्त हुआ है।

त्रिदीप सुह्रुद वर्तमान में चंपारण के किसानों के साक्षात्कार पर काम कर रहे हैं, जो संभावित आठ खंडों की परियोजना ‘थम्ब प्रिंटेड’ का हिस्सा हैं और इसके तीन खंड तैयार हो चुके हैं। वे सीईपीटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और संरक्षक, लालभाई दलपतभाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंडोलॉजी, अहमदाबाद के निदेशक और एमआईसीए की अध्यक्षण परिषद के रूप में काम कर रहे हैं।

एक्वी थामी
कलाकार और शिक्षक

एक्वी थामी हिमालय के मूल निवासियों में से एक थांग्मी महिला हैं। आपने सामाजिक विचार विमर्श का उपयोग करते हुए कला को सामुदायिक उत्थान के रूप में स्थापित करने का कार्य किया है। एक्वी का कार्यक्षेत्र समारोहात्मक हस्तक्षेपों, प्रदर्शनों, कलाकारी, जिन-निर्माण, फ्लाई पोस्टिंग, और सार्वजनिक हस्तक्षेपों तक फैलता है, जिसमें लोगों की सक्रिय भागीदारी होती है; उनका अधिकांश कार्य स्व-पोषित या विशेस सहयोग से पूरा होता है।

एक्वी थामी द्वारा स्थापित सिस्टर लाइब्रेरी (@sister.library) एक विकसत चित्रकला कार्य है जो हमारे समय की दृश्य और पठन संस्कृति पर गहरी चिंतन को प्रदर्शित करता है। यह दक्षिण एशिया का पहला समुदाय के स्वामित्व वाली और समुदाय द्वारा चलाए जाने वाली एक चलित महिलावादी पुस्तकालय है। एक्वी और सहयोगी द्वारा चलाय जाने वाले समूहों में बॉम्बे अंडरग्राउंड, जो एक कलाकार समूह है जो दक्षिण एशिया का पहला जिन फेस्ट, बॉम्बे जिन फेस्ट, का आयोजन करता है, और अंडरग्राउंड प्रकाशन सीन का केंद्र है, और धारावी आर्ट रूम, धारावी में बच्चों और महिलाओं के लिए एक स्थान है जहां वे सृजनात्मक रूप से अन्वेषण कर सकते हैं, शामिल हैं।

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