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राजस्थान और राष्ट्र के विकास में वेदांता की हिंदुस्तान ज़िंक और केयर्न ऑइल एंड गैस के प्रमुख सीएसआर योगदानों को उजागर करते हुए, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने वित्त वर्ष 2024 की सोशल इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी की

जयपुर: भारत के विकास में योगदान के लिए वेदांता लिमिटेड की सामाजिक पहल शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ), द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 में 437 करोड़ रुपये का निवेश किया गया जिससे 1.73 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया।

फाउंडेशन की वार्षिक सोशल इम्पैक्ट रिपोर्ट, “नर्चरिंग, ट्रांसफॉर्मिंग, लीडिंग: इंडिया’स ग्रोथ स्टोरी”, में 153 प्रभावशाली परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है, जो 1,200 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य  देखभाल, महिला एवं बाल विकास, कौशल व आजीविका, पशु कल्याण और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।

वेदांता की सहायक कंपनियाँ, केयर्न ऑइल एंड गैस लिमिटेड और हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड, ने राजस्थान और अन्य राज्यों में अपने संचालन क्षेत्रों के जरिए लाखों लोगों को लाभ पहुँचाया है।

इस वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की प्रमुख परियोजना नंद घर के तहत 14 राज्यों में आरंभ से अब तक 6,044 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें राजस्थान में 2,846 नंद घर शामिल हैं। ये नंद घर भारत भर में 2,38,161 बच्चों और 1,78,620 महिलाओं को प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएँ और महिलाओं के लिए कौशल विकास जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। 

पशु कल्याण के क्षेत्र में आफ का ‘द एनिमल केयर ऑर्गनाइजेशन’ (टाको) 1.48 लाख से अधिक पशुओं की देखभाल कर चुका है। टाको ने रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान को सात गश्ती वाहन प्रदान किए और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एंटी-पोचिंग कैम्प्स स्थापित करने के साथ निगरानी वाहनों की खरीद के जरिए वन्यजीव संरक्षण में सहयोग किया।

वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड की चेयरपर्सन, प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, “वेदांता में, हमारा मूल दर्शन ‘अर्थ’ (जो हम कमाते हैं) और ‘धर्म’ (जो हम वापस समाज को देते हैं) पर आधारित है। यह समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारी सभी पहलें, चाहे वह बाल पोषण हो, स्वास्थ्य देखभाल हो, कौशल विकास और आजीविका हो, खेलों को बढ़ावा देना हो, सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण हो या फिर और कुछ, एक सशक्त और समावेशी भारत के हमारे दृष्टिकोण के साथ जुड़ी हुई हैं।”

हिंदुस्तान ज़िंक के तत्वावधान में उदयपुर में स्थापित ज़िंक फुटबॉल एकेडमी (ज़ेडएफए) ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इसे ऑल-इंडिया फुटबॉल फेडरेशन से एलीट 3-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है, जो इसे भारत की सबसे बेहतरीन एकेडमीज़ में से एक बनाती है। ज़ेडएफए के उत्कृष्ट खिलाड़ी, मोहम्मद कैफ, एसएएफएफ यू-16 चैंपियनशिप में भारत के लिए कप्तानी करने वाले 40 वर्षों में पहले राजस्थानी फुटबॉलर बने। जमीनी स्तर पर कौशल विकास के अलावा, आफ ने जयपुर में वेदांता पिंक सिटी हाफ मैराथन तथा दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मुंबई और बेंगलुरु में अन्य मैराथनों में #रनफॉरज़ीरोहंगर (#RunForZeroHunger) जैसी पहलों के माध्यम से समाज पर बेहतर प्रभाव डालने के लिए समुदायों को संगठित किया है।

केयर्न ने राजस्थान सरकार के साथ मिलकर बाड़मेर जिले में स्वच्छ पेयजल की ज़रूरत को पूरा करने के लिए ‘जीवन अमृत’ परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों में 124 आरओ संयंत्र लगाए। इन संयंत्रों ने ग्रामीण महिलाओं को पानी लाने के लिए मीलों चलने के बोझ को कम किया और लगभग 70 लाख लीटर सुरक्षित पेयजल प्रदान किया, जिससे 11,429 परिवार लाभान्वित हुए। इसके अलावा, केयर्न की मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) परियोजना ने राजस्थान और गुजरात के 214 दूरस्थ गाँवों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाईं। हिंदुस्तान ज़िंक की सखी पहल ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), संघों और सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से स्वामित्व की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल ने एफएमसीजी और कपड़ा बिक्री के माध्यम से महिला लाभार्थियों के लिए 1.5 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व उत्पन्न किया।

प्रतापगढ़, राजस्थान के रहने वाले एक युवा, राजेश की कहानी काफी प्रेरणादायक है, जो जन्म से ही श्रवण बाधित थे। राजेश ने जीवन तरंग परियोजना के तहत भारतीय सांकेतिक भाषा, अंग्रेजी, व्यक्तित्व विकास और कम्प्यूटर साक्षरता में प्रशिक्षण प्राप्त किया। आज, वे एक आईएएस अधिकारी बनने की आकांक्षा रखते हैं। यह विकलांग व्यक्तियों के लिए समावेशिता और कौशल विकास की शक्ति का जीता-जागता प्रमाण है। जीवन तरंग परियोजना, हिंदुस्तान ज़िंक की एक पहल है, जो विशेष रूप से श्रवण और दृष्टिबाधित छात्रों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।

राजस्थान के बाड़मेर में रहने वाली तारा की कहानी भी प्रेरणा का स्त्रोत है। तारा को सैनिटरी पैड्स का उपयोग करने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उन्हें अपने घरेलू और खेत के काम के कारण हर दिन 4-5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। वेदांता की केयर्न ऑइल एंड गैस के प्रोजेक्ट हरित धारा के माध्यम से तारा को इको-फ्रेंडली मेंस्ट्रुअल कप के बारे में पता चला। यह प्रोजेक्ट मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के स्थायी समाधान प्रदान करने पर आधारित है। जब से तारा ने इसे अपनाया है, तब से ही उनके आराम, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के स्तर में काफी सुधार हुआ है। तारा के अलावा, इस पहल के माध्यम से 5,000 महिलाओं और किशोरियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचा है।

वेदांता की अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ) स्वदेशी कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना है। इस संगठन के सांस्कृतिक संरक्षण प्रयासों में राजस्थान सबसे आगे रहा है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में नंद घर बागान ने क्षेत्र की समृद्ध कारीगर विरासत को प्रदर्शित किया, जिससे ग्रामीण कारीगरों को व्यापक दर्शकों तक पहुँचने और अपने बाजारों का विस्तार करने के लिए एक मंच मिला। इसके अलावा, वेदांता की केयर्न ऑइल एंड गैस और हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड (एचज़ेडएल) की पहलों के माध्यम से कारीगरों ने दिल्ली में वेदांता दिल्ली हाट संस्कृति उत्सव में भी अपनी प्रतिभा का पुरजोर प्रदर्शन किया।

वेदांता लिमिटेड खनिज, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है। यह अपनी 19 सहायक सब्सिडियरी और 150 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों में अपना सामाजिक प्रभाव स्थापित कर रही है। कंपनी ने अगले 5 वर्षों में अपने सीएसआर पहलों को और बेहतर करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का संकल्प लिया है, ताकि एक सतत और समावेशी भविष्य का निर्माण किया जा सके। वेदांता की सब्सिडियरी केयर्न ऑइल एंड गैस को भारत की सबसे बड़ी निजी तेल तथा गैस अन्वेषण और उत्पादन कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह कंपनी भारत के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन में 25% से अधिक का योगदान देती है। हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत ज़िंक उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी है। इसे परिचालन में उत्कृष्टता, नवाचार और ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) प्रथाओं में नेतृत्व के लिए जाना जाता है। 

आफ की सामाजिक पहलों से जुड़े प्रमुख आँकड़े (वित्त वर्ष 2023-24):

  • 437 करोड़ रुपए का निवेश भारत में 153 सामाजिक परियोजनाओं में किया गया
  • 1,200 से अधिक गाँवों में 1.73 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचाया
  • 6,044 नंद घरों के माध्यम से 238,161 बच्चों और 178,620 महिलाओं का सहयोग किया गया
  • पशु कल्याण परियोजनाओं से 1.48 लाख पशुओं को लाभ मिला
  • 140 से अधिक महिला फुटबॉलर्स की सफलता में योगदान दिया; 13वीं ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप 2024 में 11 राष्ट्रीय स्तर के पदक जीते
  • स्वास्थ्य पहलों के जरिए 17 लाख लोगों को सहायता प्रदान की गई
  • सामुदायिक बुनियादी संरचना को सुधारकर 5.22 लाख लोगों के जीवन को बेहतर बनाया 

राजस्थान राज्य में वेदांता की हिंदुस्तान ज़िंक और केयर्न ऑइल एंड गैस के सामाजिक प्रभाव के प्रमुख बिंदु:

  • वित्त वर्ष 2024 तक राजस्थान में 2,846 से अधिक नंद घर स्थापित किए गए, जिससे प्रारंभिक बचपन की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और कौशल विकास में बेहतर बदलाव देखने को मिले 
  • वित्त वर्ष 2024 में केयर्न ऑइल एंड गैस की सामाजिक प्रभाव पहलों से 1.47 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचा 
  • वित्त वर्ष 2024 में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की सामाजिक प्रभाव पहलों से 19 लाख लोगों को लाभ पहुँचा

किताब पढ़ने के लिए:   https://heyzine.com/flip-book/3190307616.html

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