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श्री अमित शाह आज तमिलनाडु के तक्कोलम में CISF की स्थापना दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज तमिलनाडु के तक्कोलम में आयोजित केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की 56वीं स्थापना दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और CISF के महानिदेशक श्री राजविंदर सिंह भट्टी भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बीते 56 साल में CISF ने न केवल देश के विकास, प्रगति और आवाजाही को सुरक्षित रखा है, बल्कि उनके सुचारू संचालन में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, महत्त्वपूर्ण व्यापारिक, पर्यटन एवं शोध संस्थानों सहित देश के औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की कल्पना CISF के बगैर नहीं की जा सकती। श्री शाह ने कहा कि CISF कर्मियों की अटूट निष्ठा, कठोर परिश्रम और समर्पण से ही देश औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सुरक्षित होकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि CISF कर्मियों ने ढेर सारे सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेकर इसे आगे बढ़ाया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की 140 करोड़ की आबादी के सामने वर्ष 2027 तक भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 तक भारत को दुनिया में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम बनाने के संकल्प रखे हैं। इन संकल्पों की सिद्धि में CISF का योगदान बहुत महत्त्वपूर्ण होगा। गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में तय किया गया था कि CISF का स्थापना दिवस दिल्ली में मनाने की बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाएगा। इसी के तहत आज CISF का स्थापना दिवस कार्यक्रम तमिलनाडु के तक्कोलम स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित किया गया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु की संस्कृति ने अनेक प्रकार से भारत की संस्कृति को मजबूत करने का काम किया है। चाहे प्रशासनिक सुधार हो, आध्यात्मिक ऊंचाई प्राप्त करनी हो, शिक्षा के मानक गढ़ने हों या देश की एकता एवं अखंडता का संदेश हो, हर क्षेत्र में तमिलनाडु ने भारतीय संस्कृति को बहुत मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और परंपराएं भारत की संस्कृति का अनमोल गहना हैं और पूरा देश यह स्वीकार करता है। श्री शाह ने कहा कि इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए तक्कोलम स्थित CISF क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र का नाम चोल वंश के महान योद्धा राजादित्य चोल के नाम पर रखने का निर्णय किया गया है, जो गौरव की बात है। उन्होंने कहा राजादित्य चोल इसी भूमि पर पराक्रम और बलिदान की अनेक गाथाएँ गढ़ कर वीरगति को प्राप्त हुए और चोल साम्राज्य की महान परंपराओं को आगे बढ़ाया।

गृह मंत्री ने कहा कि CISF में पिछले वर्ष 14 हजार से अधिक पदों पर भर्ती पूरी की गई है। अगर सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की बात करें तो कुल एक लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी दी गई है और 50 हजार युवाओं की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि अब तक क्षेत्रीय भाषाओं में CAPF की भर्ती परीक्षाएं देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन मोदी सरकार के फैसले के अनुसार हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा अब युवा तमिल सहित संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में CAPF की भर्ती परीक्षाएं दे सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरह वे भी जल्द से जल्द तमिल भाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम शुरू करें। इससे मातृ भाषा के रूप में तमिल मजबूत होने के साथ ही तमिल माध्यम के छात्रों को इसका फायदा भी मिलेगा। इससे न केवल मातृभाषा मजबूत होगी, बल्कि तमिल माध्यम में शिक्षित बच्चों को आगे सामान अवसर मिल सकेंगे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि CISF ने हमेशा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। बीते 56 वर्षों में CISF ने देश के हर क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा में स्वर्णिम मानक सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि CISF के जवान देश के पोर्ट, एयरपोर्ट, मेट्रो सहित कई स्थानों में लगभग एक करोड़ लोगों की आवाजाही को हर खतरे से सुरक्षित करने का काम करते हैं। देश के औद्योगिक, शैक्षणिक विकास और देश के सुचारू संचालन के लिए CISF जवानों का योगदान महत्त्वपूर्ण है। उनकी निगरानी में देश के पोर्ट, एयरपोर्ट और मेट्रो सहित सभी प्रतिष्ठान सुरक्षित हैं। गर्व की बात है कि देश के नए संसद भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी CISF के जवान संभाल रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि CISF के जवान दिल्ली मेट्रो में विनय और संयम के साथ बिना किसी चूक के प्रतिदिन 70 लाख से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करते हैं। साथ ही, 250 पोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों की सुरक्षा में भी CISF की जिम्मेदारी बढ़ने वाली है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने CISF को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया है और नवीनतम तकनीकों से बल को लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई एयरपोर्टों पर ‘डिजी यात्रा’ शुरू की गई है, जिसके कारण सुरक्षा जांच में कम से कम समय लग रहा है। CISF ने एयरपोर्ट सुरक्षा में अंतरराष्ट्रीय मानकों को न केवल अपनाया है, बल्कि इनमें रिकॉर्ड कायम करने के भी काफी नजदीक है। उन्होंने कहा कि इंटरनल क्वालिटी कण्ट्रोल यूनिट भी स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से लगातार प्रशिक्षण के जरिये सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। CISF ने ड्रोन रोधी क्षमताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केन्द्र भी स्थापित किया है। श्री शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का जेवर और महाराष्ट्र का नवी मुंबई एयरपोर्ट जल्द ही CISF की सुरक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष तीन नई बटालियन की स्थापना को मंजूरी दी, जिसमें एक बटालियन पूर्णतः महिला बटालियन होगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले CISF के 127 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन 127 जवानों ने अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने इन जवानों के परिजन से कहा कि उनके परिवार के सदस्य के बलिदान के कारण ही देश आज ऊंचे मस्तक के साथ दुनिया के सामने खड़ा है।

श्री अमित शाह ने स्थापना दिवस कार्यक्रम में CISF की वार्षिक पत्रिका Sentinel का विमोचन किया। उन्होंने 10 जवानों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, 2 को जीवन रक्षा पदक और 10 को वीरता पदक से भी सम्मानित किया। श्री शाह ने कहा कि इन सभी जवानों ने CISF की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाया है। गृह मंत्री ने CISF कर्मियों के स्वास्थ्य, सुचारू कर्त्तव्य निर्वहन और सुविधाएं बढाने के लिए 88 करोड़ रुपए की लागत से 6 विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और SSG नोएडा में नवनिर्मित जिम एवं पप हॉल का लोकार्पण किया।

गृह मंत्री ने झंडी दिखा कर CISF साइक्लोथॉन 2025 की भी वर्चुअल शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह साइकिल रैली देश के समुद्र तट के हर गाँव को कवर करते हुए कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल पहुंचेगी। इस दौरान हमारे जवान तटीय गाँवों में न केवल सुरक्षा की दृष्टि से जागृति फैलाएंगे, बल्कि गाँवों के लोगों को विकास से जुड़े विषयों के बारे में जागरूक भी करेंगे। साथ ही CISF के जवान सुरक्षा और गाँव के विकास से जुड़े सुझाव भी एकत्रित करेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि जवानों द्वारा दिए जाने वाले ‘ग्राउंड जीरो इनपुट’ से इन तटीय गाँवों में सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि CISF ने पिछले पांच वर्ष में पांच लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं और अगले एक वर्ष में उसे तीन लाख से ज्यादा पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत CISF का हर एक जवान अपनी मां के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एक पेड़ जरूर लगाए। श्री शाह ने बल कर्मियों से अपनी दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाये गए हैं, जिसके अंतर्गत आयुष्मान CAPF के तहत 31 लाख से अधिक कार्ड जारी किए हैं। 13 हजार घरों और 113 बैरक का निर्माण किया गया है और  ई-आवास पोर्टल के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि एक भी आवास खाली न रहे। श्री शाह ने कहा कि महिला जवानों के लिए विशेष बैरक बनाए हैं। अनुग्रह राशि भी आगे बढाई गई है। केन्द्रीय पुलिस कल्याण भंडारों में स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा और एक अप्रैल 2024 से GST में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही।

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