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यूपीआई सेवाएं बाधित: एक महीने में तीसरी बार तकनीकी खराबी से देशभर में लेनदेन प्रभावित

देशभर में डिजिटल लेन-देन का सबसे लोकप्रिय माध्यम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक बार फिर शनिवार सुबह बड़ी तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। यह इस महीने की तीसरी बड़ी दिक्कत है, जिससे करोड़ों लोगों और कारोबारों की रोजमर्रा की लेन-देन प्रक्रिया बाधित हो गई।

DownDetector की रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर तक करीब 1,168 शिकायतें दर्ज की गईं। Google Pay यूजर्स ने 96 और Paytm यूजर्स ने 23 समस्याएं दर्ज करवाईं। हालांकि, इस व्यवधान के पीछे की असली वजह अब तक सामने नहीं आई है।

NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने इस समस्या पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा,
“हम फिलहाल कुछ तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते यूपीआई लेन-देन में आंशिक रूप से असफलताएं हो रही हैं। हमारी टीम समस्या को जल्द सुलझाने पर काम कर रही है। हम असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हैं।”

यूपीआई सेवाओं में बार-बार व्यवधान: चिंता का विषय

बीते कुछ हफ्तों में यूपीआई सेवाओं में यह तीसरी बार बड़ी रुकावट आई है। पिछले 20 दिनों में तीन बार सेवा ठप हो चुकी है, जिससे देशभर के यूजर्स को भारी असुविधा हुई है।

पहले की घटनाएं:

2 अप्रैल – इस दिन भी यूपीआई नेटवर्क में बड़ी समस्या सामने आई थी, जिसमें 514 शिकायतें दर्ज की गई थीं। करीब 52% यूजर्स को ट्रांजैक्शन फेल होने की परेशानी हुई थी। एनपीसीआई ने उस वक्त ‘बैंक सक्सेस रेट में उतार-चढ़ाव’ और ‘नेटवर्क लेटेंसी’ को इसका कारण बताया था।

26 मार्च – इस दिन की रुकावट सबसे बड़ी मानी गई, जब 3,000 से ज्यादा यूजर्स ने शिकायत की थी। Google Pay और Paytm जैसे बड़े प्लेटफॉर्म प्रभावित हुए थे, और कई घंटों तक सेवाएं बाधित रहीं।

देश में डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के बीच यूपीआई का बार-बार बाधित होना लोगों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बार तकनीकी रुकावटें किसी मजबूत और स्थायी समाधान की मांग करती हैं, ताकि करोड़ों यूजर्स को भरोसेमंद सेवा दी जा सके।

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