संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल कोइराजपुर के परिसर में विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभा को एक स्वतंत्र एवम वंत मंच प्रदान करता संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल कोइराजपुर व गिलट बाज़ार शाखा के कनिष्ठ वर्ग का वार्षिकोत्सव, कलरव -2026 को संयुक्त रूप से मनाया गया। कलरव की गूंज में शास्त्रीय, ऐतिहासिक व आधुनिक कला का संगम दिखाई दिया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सत्यम मिश्रा (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, काशी विश्वनाथ मंदिर) की उपस्थिति अत्यंत प्रेरणादायी व अजस्र ऊर्जा का स्रोत रही।
अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे व्योमेश शुक्ला (ख्यातिलब्ध लेखक एवं प्रधानमंत्री, नागिरी प्रचारिणी सभा) ने कार्यक्रम की शोभा में चार चाँद लगा दिए। अन्य गणमान्य अतिथियों में बनमाली सिंह (डिप्टी रजिस्ट्रार, IGNOU) राजेश्वर.एस बालापुरकर, (कमांडेंट 95 बटालियन, सी .आर .पी .एफ .पहड़िया), जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश सिंह राणा, अपर निदेशक -बेसिक शिक्षा हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह, राव मुकुल पांडेय, हरिकेश बहादुर, विनय त्रिपाठी की उपस्थिति अत्यंत प्रेरणादायी रही।

संस्था सचिव राहुल सिंह ने पधारे सभी गणमान्य अतिथियों व अभिभावकों का स्वागत करते हुए आभार एवम कृतज्ञता ज्ञापित की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आरम्भ काशी की पावन भूमि पर भक्तिमय शिव-स्तुति के साथ हुआ जिसमें उनके विराट स्वरूप द्वादश ज्योतिर्लिंग का दिव्य रूप परिलक्षित हुआ। सृष्टि के पंच-तत्वों के महत्व को उद्घाटित करती भावपूर्ण नृत्य नाटिका ने मानव कल्याण से पोषित भाव को प्रत्यक्ष कराया।इसी क्रम में महानायक अमिताभ बच्चन के सिनेमाई सफ़र को बच्चों ने उनके लोकप्रिय गीतों व संवाद के माध्यम से प्रस्तुत कर सभी को आनंद से भर दिया।केसरिया हुंकार तथा एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को दोहराता समूह नृत्य भारत की विविध संस्कृतियों को एकता के सूत्र में जोड़ता हुआ अपने दिव्य रूप में प्रतिबिंबित हुआ।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण महाकाव्य रामायण पर आधारित प्रभु राम के सम्पूर्ण वन चरित्र का भव्य एवं भावपूर्ण मंचन रहा, जिसमें राम – दरबार की नयनाभिराम झाँकी की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शक दीर्घा में बैठे सभी अभ्यागतों को राम भक्ति की भक्तिमय धारा में रसालीन कर दिया।
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कार एवं मानवीय मूल्य ही सबसे बड़ी शिक्षा की आधारशिला है और यही उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। संस्कारपूर्ण शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के बिना एक श्रेष्ठ समाज की परिकल्पना भी असंभव है।
प्रधानाचार्या डॉ नीलम सिंह ने बाल हुनर की प्रस्तुति से भाव-विभोर होकर कहा कि इनका बचपन हम सभी में नयी आशा और ऊर्जा का संचार करता है। हम इनके स्वर्णिम भविष्य निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और रहेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों शाखाओं से कुल 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
निदेशिका डॉ वंदना सिंह एवं उपनिदेशक आयुष्मान सिंह ने कहा कि इस कलरव की गूंज में भावी भविष्य के स्वर्णिम भारत की के सोने की चिड़िया की चहचहाहट गूँजेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। हम सभी मिलकर एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करेंगे।
इस अवसर पर गिलट बाज़ार शाखा से सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित प्रधानाध्यापिका मती अमिता सिंह ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 की आराध्या राय तथा कक्षा 10 के हुज़ैफ़ा इक़बाल ने किया।