रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे शहीद पुलिसकर्मियों को नमन: पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में होगा मुख्य समारोह

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial – NPM) पर आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs), दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में शहीदों के परिवारजनों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहने की संभावना है।

पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व

पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को देशभर में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में हुई एक दुखद घटना की याद में की गई थी, जब सशस्त्र चीनी टुकड़ी द्वारा किए गए घातक हमले में भारत के पुलिस के 10 वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन वीर सपूतों की शहादत ने देश के सुरक्षा तंत्र में पुलिस बल के योगदान को अमर कर दिया। तब से हर वर्ष 21 अक्टूबर को देशभर के पुलिसकर्मी अपने शहीद साथियों को नमन करते हैं और उनके बलिदान को स्मरण करते हैं।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक: वीरता और त्याग का प्रतीक

चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में राष्ट्र को समर्पित किया था। यह स्मारक न केवल वीर जवानों के बलिदान की याद को जीवंत रखता है, बल्कि पुलिस बल में राष्‍ट्रीय पहचान, गर्व और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को भी प्रबल बनाता है।

स्मारक के केंद्र में 30 फुट ऊँचा ग्रेनाइट का एकल पाषाण खंड स्थापित है, जो पुलिस कर्मियों की शक्ति, विनम्रता और नि:स्वार्थ सेवा का प्रतीक है। इसके अलावा यहां ‘शौर्य की दीवार’ पर उन सभी शहीद पुलिसकर्मियों के नाम अंकित हैं जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर किए।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में एक संग्रहालय (Museum) भी है, जो भारतीय पुलिस व्यवस्था के इतिहास, विकास यात्रा और वीरता के अनेक अध्यायों को प्रदर्शित करता है। यह स्थान न केवल पुलिस बलों के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक तीर्थस्थल जैसा सम्मान रखता है।

समारोह की मुख्य विशेषताएँ

इस वर्ष के पुलिस स्मृति दिवस समारोह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह करेंगे। उनके साथ गृह राज्य मंत्री, पुलिस पृष्ठभूमि से जुड़े सांसद, CAPFs और CPOs के प्रमुख, दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित अन्य गणमान्य अधिकारी भी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

समारोह में संयुक्त परेड का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस के जवान भाग लेंगे। रक्षा मंत्री कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और पुलिस व्यवस्था से जुड़ी समसामयिक चुनौतियों, सुरक्षा दायित्वों तथा पुलिस बल की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे।

यह कार्यक्रम हॉट स्प्रिंग्स के शहीदों को समर्पित वेदिका पर श्रद्धांजलि अर्पण के साथ संपन्न होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन, आकाशवाणी (AIR) तथा विभिन्न मीडिया चैनलों पर किया जाएगा। इसके अलावा, इसे पुलिस बलों की आधिकारिक वेबसाइटों पर वेबकास्ट के रूप में भी देखा जा सकेगा।

शौर्य सप्ताह: 22 से 30 अक्टूबर तक विशेष आयोजन

शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में 22 से 30 अक्टूबर के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) द्वारा राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में शहीदों के परिवारजनों को आमंत्रित करना, पुलिस बैंड डिस्प्ले, मोटर साइकिल रैली, “शहीदों के निमित्त दौड़” (Run for Martyrs) जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी। साथ ही, पुलिस बलों के बलिदान, साहस और सेवा को दर्शाने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्में और वीडियो प्रस्तुतियाँ भी प्रदर्शित की जाएंगी।

देशभर के पुलिस बल इसी अवधि में अपने-अपने राज्यों और जिलों में ऐसे ही आयोजन कर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह सप्ताह देश के पुलिस बलों के लिए आत्मगौरव, अनुशासन और देश सेवा की भावना को पुनर्जीवित करने का अवसर होता है।

पुलिस बल की भूमिका और महत्व

भारत की पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की रखवाली करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा, सामुदायिक शांति और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुलिसकर्मी प्रतिदिन अनेक चुनौतियों, जोखिमों और कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। उनके समर्पण और साहस से ही समाज में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बनी रहती है।

पुलिस स्मृति दिवस उन सभी वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है जिन्होंने अपने कर्तव्यपालन में सर्वोच्च बलिदान दिया। यह अवसर देशवासियों को भी यह याद दिलाता है कि पुलिस बल का योगदान राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

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