आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में कर-पश्चात लाभ 352 करोड़ रुपए, पिछले वर्ष से 76% अधिक

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही और अर्धवार्षिक अवIDFC First Bankधि के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय परिणाम जारी किए हैं। बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 352 करोड़ रुपए का कर-पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।

IDFC First Bank

मुख्य वित्तीय प्रदर्शन (₹ करोड़ में)

मद30 सितम्बर 202430 जून 202530 सितम्बर 2025सालाना परिवर्तनतिमाही-दर-तिमाही परिवर्तन
कुल ग्राहक व्यवसाय4,40,6405,10,0315,35,67321.6%5.0%
ऋण और अग्रिम2,22,6132,53,2332,66,57919.7%5.3%
सकल एनपीए1.92%1.97%1.86%-6 बीपीएस-11 बीपीएस
शुद्ध एनपीए0.48%0.55%0.52%4 बीपीएस-3 बीपीएस
एसएमए 1+2 (खुदरा, ग्रामीण एवं एमएसएमई)0.97%1.01%0.90%-7 बीपीएस-11 बीपीएस
ग्राहक जमा राशि2,18,0262,56,7992,69,09423.4%4.8%
सीएएसए जमा राशि1,09,2921,27,1581,38,58326.8%9.0%
सीएएसए अनुपात48.88%47.99%50.07%119 बीपीएस208 बीपीएस
फंड की लागत6.46%6.42%6.23%-23 बीपीएस-19 बीपीएस
शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM)6.18%5.71%5.59%-59 बीपीएस-12 बीपीएस
मुख्य परिचालन लाभ1,8571,7441,825-1.7%4.6%
शुद्ध लाभ (PAT)20146335275.6%-23.8%
पूँजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR)16.36%15.01%14.34%-202 बीपीएस-67 बीपीएस

नोट:

  • ऋण और अग्रिमों में क्रेडिट सब्स्टीट्यूट्स शामिल हैं।
  • एनआईएम में आईबीपीसी और सेल-डाउन दोनों सम्मिलित हैं।
  • FY26 की पहली तिमाही में 495 करोड़ रुपए का व्यापारिक लाभ शामिल था, जबकि दूसरी तिमाही में यह 56 करोड़ रुपए रहा।
  • मुख्य लाभप्रदता के आधार पर बैंक का कर-पश्चात लाभ क्रमिक रूप से बढ़ा है।

मुख्य व्यवसायिक और वित्तीय टिप्पणियाँ

  • बैंक के ऋण और अग्रिमों में 19.7% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो मुख्यतः आवास ऋण, वाहन ऋण, उपभोक्ता ऋण, बिज़नेस बैंकिंग, एमएसएमई और थोक ऋण में विस्तार के कारण हुई।
  • 30 सितंबर 2025 तक माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में सालाना 41.6% की गिरावट दर्ज की गई। यह बैंक की कुल वित्तपोषित परिसंपत्तियों में 5.6% से घटकर 2.7% पर आ गया।
  • बैंक द्वारा जारी क्रेडिट कार्ड्स की कुल संख्या 40 लाख तक पहुँच गई।
  • प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट का एयूएम (AUM) सालाना 28% बढ़कर ₹54,693 करोड़ पर पहुँचा।
  • बैंक के परिसंपत्ति गुणवत्ता संकेतक जैसे सकल एनपीए, शुद्ध एनपीए, एसएमए और प्रावधान स्थिर बने हुए हैं।
  • तिमाही के दौरान कुल प्रावधानों में 12.5% की कमी आई, जो 1,659 करोड़ रुपए से घटकर 1,452 करोड़ रुपए रह गए।
  • माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में दबाव कम होने के कारण, बैंक ने ₹75 करोड़ के प्रावधान बफर का उपयोग किया, जबकि ₹240 करोड़ का आकस्मिक प्रावधान अब भी सुरक्षित रखा गया है।
  • ₹7,500 करोड़ की सीसीपीएस पूँजी को इक्विटी में परिवर्तित किए जाने के बाद, 30 सितंबर 2025 तक पूँजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 16.82% और टियर-I अनुपात 14.75% तक पहुँचने की संभावना है।

प्रबंधन की टिप्पणी

श्री वी. वैद्यनाथन, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO), आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, ने कहा, “माइक्रोफाइनेंस व्यवसाय में जो दबाव था, वह पूरे उद्योग से संबंधित था और अब यह धीरे-धीरे कम हो रहा है। एमएफआई को छोड़कर, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता लंबे समय से स्थिर रही है। 30 सितंबर 2025 तक सकल एनपीए 1.86% और शुद्ध एनपीए 0.52% के स्तर पर स्थिर हैं। हमें उम्मीद है कि फंड की लागत में अब क्रमिक रूप से गिरावट आएगी। बैंक को संचालन में बेहतर लाभप्रदता प्राप्त हो रही है। उदाहरणस्वरूप, वित्त वर्ष 2025 में कुल व्यवसाय (ऋण एवं ग्राहक जमा) में 22.7% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि परिचालन व्यय केवल 16.5% बढ़ा। इसी तरह, वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कुल व्यवसाय 21.6% बढ़ा और परिचालन व्यय में मात्र 11.8% की वृद्धि हुई। हमें विश्वास है कि यह सकारात्मक रुझान आगामी अवधियों में भी जारी रहेगा।”

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