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पुस्तक ‘विद्यालय बनें आनंदघर’ का आवरण जारी

3 जनवरी को चित्रकूट में होगा विमोचन

बांदा।‌ जनपद के रचनाधर्मी शिक्षक एवं साहित्यकार प्रमोद दीक्षित मलय शिक्षा को आनंदमय बनाने के लिए काम करते हुए अर्जित अनुभवों को लगातार लिख रहे हैं, जो पत्र-पत्रिकाओं में लेख रूप में छपते हैं। उनके चयनित शैक्षिक लेख ‘विद्यालय बनें आनंदघर’ पुस्तक में संग्रहीत किए गये हैं, जिसका विमोचन 3 जनवरी को चित्रकूट में होगा। पुस्तक का आकर्षक आवरण गत दिवस आनलाइन कार्यक्रम में विमोचित किया गया।

विद्यालय बनें आनंदघर
विद्यालय बनें आनंदघर

पुस्तक ‘विद्यालय बनें आनंदघर’ के लेखक प्रमोद दीक्षित मलय ने बताया कि इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन आगामी 2, 3 एवं 4 जनवरी, 2026 को चित्रकूट में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय ‘शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह’ में 3 जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं छत्तीसगढ़ से पधारे शिक्षक-शिक्षिकाओं के मध्य मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया जाएगा। पद्मश्री उमाशंकर पांडेय (बांदा), गोपाल भाई (समाजसेवी, चित्रकूट), आचार्य बाबूलाल दीक्षित (पूर्व प्रधानाचार्य, अतर्रा), कमलेश कमल (भाषाविद्, नई दिल्ली), डॉ. प्रमोद कुमार सेठिया (मंदसौर, मध्यप्रदेश), डॉ. सुरेंद्र कुमार आर्यन (लोक संग्रहालय, देहरादून), आसिया फारूकी (राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षिका, फतेहपुर), दुर्गेश्वर राय (संयोजक, शैक्षिक संवाद मंच) तथा राजेंद्र कुमार एवं सुरेन्द्र सिंह (विज्ञान विशेषज्ञ, कौशाम्बी) द्वारा किया जाएगा। यह पुस्तक विद्यालयों में आनंदमय परिवेश रचने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रमोद दीक्षित मलय शिक्षक, बाँदा (उ.प्र.)
प्रमोद दीक्षित मलय
शिक्षक, बाँदा (उ.प्र.)
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