नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में पीएम-युवा 3.0 के युवा लेखकों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान का संवाद

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री संग्रहालय में प्रधानमंत्री युवा लेखक मार्गदर्शन योजना पीएम-युवा 3.0 के अंतर्गत चयनित 43 युवा लेखकों से संवाद किया। यह संवाद छह माह की मेंटरशिप अवधि के दौरान लेखकों को दिशा देने और उनके रचनात्मक प्रयासों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में पीएम-युवा 3.0 के युवा लेखकों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान का संवाद

इस अवसर पर आयोजित संवादात्मक सत्र में चयनित युवा लेखकों ने मेंटरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत लिखी जा रही अपनी आगामी पुस्तकों के विषयों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। लेखकों द्वारा प्रस्तुत विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्व, प्रवासी भारतीयों की भूमिका, समकालीन सामाजिक परिवर्तन, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय दृष्टिकोण जैसे व्यापक और विचारोत्तेजक विषय शामिल रहे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सभी चयनित लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि पीएम-युवा 3.0 केवल एक लेखन योजना नहीं है, बल्कि यह देश की बौद्धिक और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवा लेखकों से आग्रह किया कि वे मेंटरशिप अवधि का पूरा लाभ उठाएं और ऐसी सार्थक, शोधपरक और प्रेरणादायक पुस्तकें लिखें, जो देश के युवाओं को पढ़ने, लिखने और ज्ञान के साथ गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने शोध सामग्री की उपलब्धता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिया कि राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के माध्यम से चयनित लेखकों को भौतिक और डिजिटल दोनों प्रकार की अध्ययन सामग्री सुलभ कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लेखकों को ‘एक राष्ट्र, एक सदस्यता’ पहल के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक और शोध संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे उनकी रचनाओं की गुणवत्ता और प्रामाणिकता को और अधिक मजबूती मिल सके।

लेखकों के अकादमिक सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि चयनित युवा लेखकों को उनके लेखन विषयों के अनुरूप देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों से जोड़ा जाए। इससे उन्हें विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा और उनकी पुस्तकों को एक मजबूत अकादमिक आधार मिलेगा।

युवा लेखकों से संवाद के बाद श्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम-युवा 3.0 के अंतर्गत चयनित लेखकों की विविधता भारत की सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक विविधता को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहा कि इन युवा लेखकों की ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्पष्ट दृष्टि यह दर्शाती है कि वे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में बौद्धिक योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद के दौरान संस्कृति, ज्ञानार्जन, तकनीकी विकास और राष्ट्रीय सोच पर हुई चर्चा अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायक रही।

उल्लेखनीय है कि पीएम-युवा 3.0 योजना के अंतर्गत चयनित 43 युवा लेखक 10 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के दौरान भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय शिविर में भाग ले रहे हैं। इस विश्व पुस्तक मेले का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के सहयोग से किया जा रहा है। मेले का उद्घाटन 10 जनवरी 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया था।

पीएम-युवा 3.0 योजना का मुख्य उद्देश्य देश में युवा लेखकों को प्रोत्साहित करना, उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करना तथा भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक विविधता को पुस्तकों के माध्यम से सामने लाना है। यह योजना पढ़ने, लिखने और ज्ञान सृजन की संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास के रूप में स्थापित हो रही है।

इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव श्री विनीत जोशी, राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के निदेशक श्री युवराज मलिक, प्रधानमंत्री संग्रहालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका मिश्रा, राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक श्री कुमार विक्रम तथा प्रधानमंत्री संग्रहालय के संयुक्त निदेशक श्री रवि के. मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और साहित्य जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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