स्पेन के विदेश मंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकात, भारत–स्पेन संबंधों को नई गति

नस्पेन के विदेश मंत्री श्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, राजनीतिक, आर्थिक और बहुपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई।

राष्ट्रपति भवन में श्री अल्बारेस का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत और स्पेन के संबंध सदियों पुराने हैं, जिनकी जड़ें व्यापार, संस्कृति और लोकतंत्र एवं बहुलवाद के साझा मूल्यों में निहित हैं। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि वर्ष 2026 दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ का प्रतीकात्मक वर्ष है, जिसे ‘संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह वर्ष द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच आर्थिक संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में स्थिर वृद्धि देखने को मिल रही है, जो आपसी विश्वास और सहयोग का परिचायक है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाएं तथा रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में स्पेन की क्षमताएं भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं और इनसे भारत के बुनियादी ढांचे तथा तकनीकी उन्नति को महत्वपूर्ण समर्थन मिल सकता है।

इस संदर्भ में राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारत और स्पेन के व्यापारिक तथा आर्थिक संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगा तथा रोजगार सृजन और नवाचार को भी प्रोत्साहित करेगा।

बहुपक्षीय सहयोग पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत और स्पेन, दोनों ही बहुपक्षवाद के प्रबल समर्थक हैं। संयुक्त राष्ट्र और जी 20 जैसे वैश्विक मंचों पर दोनों देशों को मिलकर कार्य करना चाहिए ताकि विश्व स्तर पर शांति, समृद्धि और स्थिरता के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में समन्वित और जिम्मेदार बहुपक्षीय प्रयासों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी भारत और स्पेन के साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद आज वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारत और स्पेन को अपने संसाधनों, अनुभवों और क्षमताओं को एकजुट कर सहयोग बढ़ाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वैश्विक खतरे से मुकाबला केवल सामूहिक और निरंतर प्रयासों से ही संभव है।

यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापक संबंधों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इन संबंधों में निरंतर मजबूती आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करने के लिए उत्सुक है। राष्ट्रपति के अनुसार, यह भारत और यूरोप के बीच गहराते रणनीतिक साझेदारी संबंधों का प्रतीक है।

स्पेन के विदेश मंत्री श्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्पेन सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं और भारत के साथ सहयोग को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्पेन भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है और भविष्य में व्यापार, निवेश, संस्कृति, पर्यटन और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने के लिए तत्पर है।

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