हाथों में रंग लिए, दिल में उमंग लिए और मन में अनगिनत खुशियाँ संजोए, आइए इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाएँ। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों को फिर से संवारने, मन के मैल को धोने और जीवन में नई ऊर्जा भरने का उत्सव है।

ब्रज की फिज़ाओं में गूँजता स्वर—“आज बिरज में होली रे रसिया…” और बरसाने की गलियों में बंसी की तान जैसे प्रेम का अमिट रंग घोल देती है। श्याम की पुकार, राधा की मुस्कान और छनन-छनन बजती पायल मानो यह कहती है कि जीवन का सच्चा उत्सव प्रेम, अपनत्व और साथ में है। गुलाबी गालों पर सजा रंग केवल अबीर नहीं, बल्कि स्नेह का मधुर इशारा है।
यह पर्व हमें सिखाता है कि मन की दूरियाँ मिटाकर, गिले-शिकवे भुलाकर और अहंकार त्यागकर आगे बढ़ना ही सच्ची होली है। आइए, इस बार हम अपने अंतर्मन को भी प्रेम के रंग से रंगें और हर घर में खुशियों की फुहार पहुँचाएँ।
एवीके न्यूज सर्विस परिवार की ओर से आप सभी को रंगों, उल्लास और समरसता से भरी होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

