डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय में पोषण पखवाड़े के तहत शिशु पोषण और मस्तिष्क विकास पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
डॉ० घनश्याम सिंह महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों / शिशुओं के सर्वांगीण विकास, विशेषकर मस्तिष्क के विकास को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य शिशुओं के पोषण और मस्तिष्क विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुये ऐसे पौष्टिक व्यंजनों का निर्माण किया जो न केवल स्वादिष्ट बल्कि बच्चों की मानसिक क्षमता का विकास करने में सहायक है। गृहविज्ञान की छात्राओं ने विभिन्न पौष्टिक तत्वों से भरपूर व्यंजन जैसे मेथी के लड्डू, अलसी का लड्डू, दलिया, अंकुरित चाट, साबूदाना की खिचड़ी, टौमेटो सूप आदि पौष्टिक व्यंजनों का निर्माण किया। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुये महाविद्यालय के प्रबंधक नागेश्वर सिंह ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य मस्तिष्क के लिये पौष्टिक आहार पहली सीढी है। इस अवसर पर डॉ. आनंद सिंह ने पोषण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा किबाल्यावस्था से ही बच्चों में स्वस्थ आदतों का विकास अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि संतुलित पोषण न केवल शारीरिक विकास को प्रोत्साहित करता है, अपितु संज्ञानात्मक एवं भावनात्मक विकास को भी सुदृढ़ आधार प्रदान करता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ० विपुल कुमार शुक्ला ने बच्चों के मानसिक विकास व पोषण के बीच गहरे सम्बन्ध को बहुत ही सरल और वैज्ञानिक तरीके से समझाया। प्रबन्ध समिति के सदस्य धीरज सिंह ने पौष्टिक आहार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मैक्रो एवं माइको न्यूट्रीयेन्ट का सही संतुलन बच्चों के सीखने की क्षमता और सज्ञनात्मक योग्यता को बढ़ाता है। इस सफल कार्यक्रम के विशेष आयोजक गृहविज्ञान की विभागाध्यक्ष श्रीमती प्रीति शाह, डॉ० इशिता मिश्रा, डॉ० रोशनी सिंह की विशेष भूमिका रही। अततः कला एवं मानविकी संकाय के प्रमुख डॉ० विवेकानन्द चौबे ने प्रतिभगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहना चाहिए जिससे छात्राओं का नवीन ज्ञान एवं अनुभव बढ़ता रहे। एवीके न्यूज सर्विस