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जनगणना 2027 के प्रशिक्षण में अनुपस्थिति पड़ेगी भारी

नगर निगम अलीगढ़ द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी एवं सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रथम चरण के अंतर्गत आज दिनांक 20 अप्रैल 2026 को प्रगणकों, सुपरवाइजर्स एवं संबंधित कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण नगर निगम के चारों जोनों के अंतर्गत चिन्हित पांच विभिन्न स्थानों पर संपन्न कराया गया, जिसमें कुल 773 कार्मिकों को प्रतिभाग करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कुल 143 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, जिस पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही करार दिया है। 

नगर आयुक्त ने कहा जनगणना जैसा राष्ट्रीय महत्व का कार्य प्रत्येक कार्मिक की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता अथवा अनुपस्थिति को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों पर उपस्थिति का विवरण निम्नानुसार रहा

  • ज़ोन 01 के अंतर्गत नोरंगी लाल राजकीय इंटर कॉलेज, दीवानी कचहरी रोड पर कुल 225 कार्मिकों में से 40 अनुपस्थित रहे।
  • ज़ोन 02 के अंतर्गत राजकीय प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएमटी) कॉलेज, क्वार्सी चौराहे पर कुल 200 में से 50 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए।
  • ज़ोन 03 में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, रामघाट रोड पर कुल 80 में से 17 तथा विज़डम पब्लिक स्कूल, रामघाट रोड पर कुल 80 में से 12 कार्मिक अनुपस्थित रहे, इस प्रकार ज़ोन 03 में कुल 29 अनुपस्थित दर्ज किए गए।
  • ज़ोन 04 के अंतर्गत इंग्राहम स्कूल, सासनीगेट-नौरंगाबाद में कुल 188 में से 24 कार्मिक प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि जनगणना 2027 देश के विकास की आधारशिला है जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों का निर्माण किया जाता है। अतः इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गैर-जिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अनुपस्थित कार्मिकों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि आगामी प्रशिक्षण सत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

ये होगी कार्रवाई

नगर आयुक्त ने बताया कि प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 3 वर्ष तक का कारावास तथा ₹1000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागीय स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अधिकारियों को निर्देश

सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कार्मिकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा जनगणना कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने हेतु आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और अनुपस्थित कार्मिकों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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