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मानसून से पहले इस दफ़ा साफ होंगे शहर के नाले

बीते साल मई में नगर आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण करते समय नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने शहर वासियों से वादा किया था कि आने वाले वर्ष यानी 2026 में मानसून से पहले सभी नाले साफ होंगे, नाले साल में एक बार नहीं बल्कि तीन बार साफ होंगे साथ ही साथ नालो की सफाई को पूरे साल बनाये रखने का जिम्मा भी नामित एजेंसी का होगा।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा द्वारा शहरवासियों से किए गए वादे के अनुरूप इस वर्ष 2026 में मानसून से पहले सभी नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। नगर आयुक्त ने नाला सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार करते हुए नाला सफाई की पारंपरिक व्यवस्था में बदलाव किया है।

नगर आयुक्त ने जलनिकासी को प्रभावी बनाये जाने व मानसून से पहले सभी नालो की सफाई पूर्ण करने के उद्देश्य से शहर के लगभग 59 बड़े नालों की सफाई एवं उनके रखरखाव का कार्य दो निजी एजेंसियों को सौंपा गया है। इन एजेंसियों का दायित्व न केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर नालों की सफाई पूर्ण करना होगा बल्कि वर्ष भर उनकी नियमित निगरानी एवं सफ़ाई बनाए रखना भी होगा। नई व्यवस्था के तहत अब नालों की सफाई वर्ष में एक बार के स्थान पर तीन बार की जाएगी, जिससे जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

गुरुवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बड़े नालों की सफाई कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेडिकॉन कंस्ट्रक्शन द्वारा नादा पुल (अलीगढ़ ड्रेन) पर तीन पोकलेन मशीनों के माध्यम से युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराया जाता हुआ पाया गया। नगर आयुक्त ने कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामानंद त्यागी को निर्देशित किया कि सभी नालों की जोनवार शत-प्रतिशत सफाई मानसून से पहले हर हाल में सुनिश्चित की जाए तथा प्रतिदिन भौतिक सत्यापन एवं निगरानी की जाए।

नगर आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 मीटर से अधिक चौड़ाई वाले बड़े नालों में जोन-1 के 7, जोन-2 के 18 एवं जोन-3 के 13 नालों की सफाई का कार्य मैसर्स रेडिकॉन कंस्ट्रक्शन, ओजोन सिटी, रामघाट रोड को दिया गया है, जबकि जोन-4 के 21 नालों की जिम्मेदारी मैसर्स एस.एस. राज, गौतम बुद्ध नगर को सौंपी गई है।
उन्होंने आगे बताया कि एजेंसियों के लिए प्रत्येक नाले की तलछट (सिल्ट) की सफाई करना अनिवार्य होगा। जिन नालों पर पुलिया बनी है, उनकी सफाई भी एजेंसी द्वारा की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन किए गए कार्यों का संपूर्ण लेखा-जोखा रखना होगा। नालों से निकाली गई सिल्ट का उसी दिन एजेंसी द्वारा अपने संसाधनों से निर्धारित स्थान पर निस्तारण करना अनिवार्य होगा।

नगर आयुक्त ने बताया कि समयबद्ध कार्य योजना के अंतर्गत सभी नालों की पूर्ण सफाई 01 अप्रैल से 31 मई तक पूर्ण कर ली जाएगी। इसके अतिरिक्त माह अक्टूबर एवं फरवरी 2027 में नालों की फ्लोटिंग (ऊपरी कचरा/मलबा) हटाने का कार्य भी किया जाएगा। यदि किसी भी स्थिति में निकाली गई सिल्ट 24 घंटे से अधिक समय तक पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के बिल से प्रतिदिन ₹5,000 की कटौती की जाएगी।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई सुनिश्चित करना एक चुनौती के रूप में लिया गया है। नई व्यवस्था के माध्यम से न केवल समयबद्ध सफाई होगी बल्कि वर्षभर नालों की स्वच्छता भी बनी रहेगी जिससे शहरवासियों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। इस बार अलीगढ़ नगर निगम ने मानसून से पहले शहर के सभी छोटे बड़े नालों की सफाई को एक अभियान के रूप में शुरू कर दिया है।

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