माननीय केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री, श्री जुअल ओराम ने देशभर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के निर्माण की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा किया गया और इसमें केंद्रीय एवं राज्य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (पीएसयू), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक/प्रबंध निदेशक तथा वरिष्ठ अधिकारी, और असम, छत्तीसगढ़, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा तथा पश्चिम बंगाल राज्यों के प्रतिनिधि आभासी माध्यम से सम्मिलित हुए।
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) जनजातीय कार्य मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों को कक्षा VI से XII तक गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। यह योजना शैक्षिक अंतराल को पाटने तथा जनजातीय बच्चों के समग्र विकास, जिसमें शिक्षा, खेलकूद और कौशल शामिल हैं, को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती है।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने वर्तमान में पर चल रहे ईएमआरएस निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान सीपीडब्ल्यूडी, एचएससीएल, टीसीआईएल, वैपकोस, बी एंड आर, ईपीआईएल, मैनिडको, एमटीडीसी, एनपीसीसी तथा राज्य सरकार की एजेंसियों जैसी प्रमुख क्रियान्वयन एजेंसियों ने अपनी प्रगति तथा पूर्णता हेतु निर्धारित समय-सीमा प्रस्तुत की।
एजेंसी-वार एवं राज्य-वार प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों के पालन तथा बाधाओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया।

माननीय केंद्रीय मंत्री ने ईएमआरएस परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता के महत्व पर बल दिया, क्योंकि यह दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी क्रियान्वयन एजेंसियों, जिनमें पीएसयू, सीपीडब्ल्यूडी तथा राज्य सरकार के विभाग शामिल हैं, को परियोजना स्थलों पर जनशक्ति एवं संसाधनों की तैनाती का अनुकूलन करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निकट पर्यवेक्षण हेतु नियमित क्षेत्रीय दौरे करने के भी निर्देश दिए।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य स्तर पर लंबित सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें, जिसमें भूमि एवं वन स्वीकृतियों से संबंधित विषय भी शामिल हैं।
निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे ईएमआरएस-वार मुद्दों तथा समयबद्ध पूर्णता हेतु कार्य-योजनाओं सहित, सभी चल रही परियोजनाओं की अद्यतित मासिक प्रगति रिपोर्ट मंत्रालय/एनईएसटीएस को प्रस्तुत करें। परियोजनाओं में विलंब के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।
जनजातीय कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुनर्पुष्टि करते हुए, माननीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईएमआरएस एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य जनजातीय बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय शिक्षा तक पहुँच के माध्यम से सशक्त बनाना है।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि ईएमआरएस का विस्तार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न के अनुरूप है, जिसमें समावेशी और न्यायसंगत विकास पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने रेखांकित किया कि जनजातीय क्षेत्रों में शैक्षिक अवसंरचना को सुदृढ़ करना इस बात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जनजातीय युवा राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें, जिससे एक विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान हो।
श्रीमती रंजना चोपड़ा, सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय, ने रेखांकित किया कि ईएमआरएस योजना मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। उन्होंने परियोजना की प्रगति को प्रभावित करने वाली बाधाओं, अर्थात् पहुँच मार्ग, जल की कमी तथा एचटी/एलटी विद्युत लाइनों के स्थानांतरण जैसे मुद्दों को शीघ्रातिशीघ्र हल करने पर बल दिया। उन्होंने क्रियान्वयन एजेंसियों से आग्रह किया कि वे इन मुद्दों के समयबद्ध समाधान हेतु राज्य सरकारों एवं जिला प्रशासन के साथ निकट समन्वय स्थापित करें। उन्होंने ईएमआरएस परियोजनाओं के लिए पीएम गति शक्ति पोर्टल के उपयोग पर भी बल दिया।
डॉ. प्रतिमा वर्मा, आयुक्त, नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (एनईएसटीएस) ने निर्माण की समग्र स्थिति तथा पूर्णता के लिए निर्धारित कार्य-योजना प्रस्तुत की। अवगत कराया गया कि मंत्रालय ने 728 ईएमआरएस को स्वीकृति प्रदान की है, जिनमें से 428 विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 249 निर्माणाधीन हैं, तथा 46 पूर्व-निर्माण चरण में हैं। उन्होंने तेज़ी से क्रियान्वयन एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने हेतु एनईएसटीएस द्वारा उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला।
बैठक का समापन जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ईएमआरएस) श्री बी. एन. प्रसाद द्वारा अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।