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​​​​​​​मंत्रालय एवं सार्वजनिक उपक्रमों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और बढ़ाने पर जोर

भारी उद्योग मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की 8वीं बैठक आज नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने की। बैठक में समिति के सदस्य सांसदों, हिंदी विद्वानों, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा मंत्रालय के अधीनस्थ सार्वजनिक उपक्रमों एवं स्वायत्त संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान मंत्रालय एवं विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित प्रस्तुतियाँ दी गईं।

बैठक में माननीय सांसद सुश्री बाँसुरी स्वराज, श्रीमती सीमा द्विवेदी, श्री सतीश कुमार गौतम, श्री भोला सिंह सहित विभिन्न हिंदी विद्वानों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान सदस्यों एवं हिंदी विद्वानों ने मंत्रालय तथा उसके अधीनस्थ उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने हेतु विभिन्न सुझाव दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि भारत की सभी भाषाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत की धरोहर हैं तथा हिंदी देश को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में संवाद करने से विश्व स्तर पर हिंदी की प्रतिष्ठा और स्वीकार्यता बढ़ी है। उन्होंने सरकारी कार्यों में सरल, व्यावहारिक एवं सहज हिंदी के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि मंत्रालय एवं उसके उपक्रमों में राजभाषा के प्रयोग में निरंतर वृद्धि हो रही है।उन्होंने कहा कि मंत्रालय की वार्षिक गृह पत्रिका ‘उद्योग भारती’ तथा हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रमों में कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी राजभाषा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। मंत्री महोदय ने यह भी उल्लेख किया कि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को गत दो वर्षों में दो बार ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार प्राप्त हुआ है तथा अन्य उपक्रमों ने भी नराकास एवं अन्य मंचों पर महत्वपूर्ण सम्मान अर्जित किए हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी ने अपने संबोधन में कहा कि मंत्रालय तथा इसके नियंत्रणाधीन उपक्रमों में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित वार्षिक कार्यक्रमों एवं संसदीय राजभाषा समिति की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए यूनिकोड आधारित टाइपिंग, हिंदी वर्तनी-जांच, अनुवाद सॉफ्टवेयर, वॉइस-टू-टेक्स्ट तथा ई-ऑफिस जैसे ई-टूल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय एवं उसके उपक्रमों में हिंदी पुस्तकालयों को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा ई-पुस्तकालयों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकांश उपक्रम नियमित रूप से हिंदी पत्रिकाओं एवं ई-पत्रिकाओं का प्रकाशन कर रहे हैं।

श्री विजय मित्तल ,संयुक्त सचिव , भारी उद्योग मंत्रालय ने स्वागत संबोधन में बताया कि मंत्रालय में राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु नियमित रूप से राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकें, हिंदी कार्यशालाएँ तथा हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के अधीनस्थ उपक्रमों एवं स्वायत्त संस्थानों में 25 पुस्तकालयों का नवनिर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य किया गया है। साथ ही मंत्रालय की गृह पत्रिका ‘उद्योग भारती’ का प्रकाशन भी प्रारंभ किया गया है।

बैठक के दौरान उपस्थित हिंदी विद्वानों एवं समिति के गैर-सरकारी सदस्यों ने मंत्रालय एवं उसके उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। उन्होंने तकनीकी एवं डिजिटल माध्यमों में सरल हिंदी के प्रयोग, हिंदी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार, ई-कार्यालय प्रणाली में हिंदी के उपयोग तथा युवाओं के बीच हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।

बैठक में बीएचईएल, ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड, सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड, एचएमटी लिमिटेड, राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (रील), आईकैट तथा एआरएआई सहित विभिन्न उपक्रमों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग, हिंदी पखवाड़ा गतिविधियों, हिंदी पत्रिकाओं के प्रकाशन, तकनीकी हिंदी के प्रयोग तथा राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।

हिंदी सलाहकार समिति के माननीय सदस्यों ने मंत्रालय तथा उसके विभिन्न उपक्रमों द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

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