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तीन जन सुरक्षा योजनाएं – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के 11 साल पूरे किए


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा 9 मई 2015 को शुरू की गई जनसुरक्षा योजनाएं – प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) – समाज के सभी वंचित और कमजोर वर्गों को किफायती वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इन प्रमुख योजनाओं का लक्ष्य नागरिकों को जीवन की अनिश्चितताओं से बचाकर और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देकर बीमा और पेंशन व्यवस्था को व्यापक बनाना है।

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने तीन जन सुरक्षा योजनाओं के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर विचार करते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कम लागत वाले बीमा और पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना सहित जन सुरक्षा योजनाओं का शुभारंभ किया।”

जन सुरक्षा योजनाओं की 11वीं वर्षगांठ के आंकड़ों का उल्‍लेख करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई के तहत क्रमशः 27 करोड़, 58 करोड़ और 9 करोड़ से अधिक नामांकन हुए हैं।

वित्त मंत्री ने पीएमजेजेबीवाई योजना पर कहा कि इस योजना के तहत 10.7 लाख से अधिक परिवारों के 21,500 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का निपटारा किया गया है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि पीएमएसबीवाई योजना के तहत 1.84 लाख से अधिक परिवारों के लगभग 3,660 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया गया है।

श्रीमती सीतारमण ने अपने संबोधन के समापन में कहा “जन सुरक्षा योजनाओं की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर, बैंकों और बीमा कंपनियों के जमीनी स्तर के कर्मचारियों सहित सभी हितधारकों के प्रति हार्दिक आभार, जिनके समर्पित प्रयासों से ये योजनाएं इतनी सफल हुई।”

इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने कहा, “इन योजनाओं का उद्देश्य निर्धनतम लोगों को बीमा कवरेज और पेंशन सहायता प्रदान करना है। योजनाओं में नामांकन और दावों की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और सरल करने पर ध्‍यान दिया गया है। ऑनलाइन जन सुरक्षा पोर्टल के शुरू होने से नागरिकों के लिए बैंक शाखाओं या डाकघरों में जाए बिना आसानी से नामांकन करना संभव हुआ है। दावा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से त्वरित निपटान सुनिश्चित हुआ है, जिससे शोक संतप्त परिवारों को सबसे अधिक आवश्यकता के समय सहायता मिल सकी है।”

जन सुरक्षाकी तीन योजनाओं – प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) की 11वीं वर्षगांठमनाते हुए, आइए हम याद करें कि कैसे इन योजनाओं ने लोगों को किफायती बीमा और सुरक्षा (जन सुरक्षा) प्रदान की है, इनकी उपलब्धियां और प्रमुख विशेषताएं क्या हैं।

1. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई)

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु के लिए प्रतिदिन 2 रुपये से कम के प्रीमियम पर जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए बनाई गई है।

योजना की मुख्य विशेषता: पीएमजेजेबीवाई एक वर्षीय बीमा योजना है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। यह योजना एलआईसी और अन्य जीवन बीमा कंपनियों जो आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने और बैंकों/डाकघरों के साथ साझेदारी करने के बाद समान शर्तों पर यह उत्पाद प्रदान करने के लिए इच्छुक हैं, द्वारा संचालित की जाती है। सहभागी बैंक/डाकघर अपने ग्राहकों के लिए योजना को लागू करने हेतु किसी भी जीवन बीमा कंपनी को नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।

पात्रता शर्तें: योजना में भाग लेने वाले बैंकों/डाकघरों के 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के सभी व्यक्तिगत खाताधारक, जो ऑटो-डेबिट में शामिल होने/चालू करने के लिए अपनी सहमति देते हैं, इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं। यदि किसी व्यक्ति के एक या अलग-अलग बैंकों/डाकघरों में एक से अधिक खाते हैं, तो वह केवल एक बैंक/डाकघर खाते के माध्यम से ही योजना में शामिल होने के पात्र है।

नामांकन अवधि: यह कवर 1 जून से 31 मई तक एक वर्ष की अवधि के लिए होगा, जिसके लिए निर्धारित प्रपत्रों पर निर्धारित व्यक्तिगत बैंक/डाकघर खाते से ऑटो-डेबिट द्वारा शामिल होने/भुगतान करने का विकल्प आवश्यक होगा।

प्रीमियम: 436/- रुपये प्रति वर्ष प्रति सदस्य। योजना में नामांकन के समय दिए गए विकल्प के अनुसार, प्रीमियम खाताधारक के बैंक/डाकघर खाते से ‘ऑटो डेबिट’ सुविधा के माध्यम से एक ही किश्त में काट लिया जाएगा। भावी कवरेज के लिए विलंबित नामांकन नीचे लिखे अनुसार आनुपातिक प्रीमियम के भुगतान के साथ संभव है;

क) जून, जुलाई और अगस्त में नामांकन के लिए – 436/- रुपये का पूरा वार्षिक प्रीमियम देय है।

ख) सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में नामांकन के लिए आनुपातिक प्रीमियम के रूप में 342/- रुपये देय है।

ग) दिसंबर, जनवरी और फरवरी में नामांकन के लिए आनुपातिक प्रीमियम 228/- रुपये देय है।

घ) मार्च, अप्रैल और मई में नामांकन के लिए आनुपातिक प्रीमियम 114/- रुपये देय है।

लाभ: ग्राहक की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। नामांकन की तिथि से 30 दिनों की ग्रहणाधिकार अवधि लागू होगी।

उपलब्धियां: 29.04.2026 तक, पीएमजेजेबीवाई के तहत कुल नामांकन 27.43 करोड़ से अधिक हो चुके हैं और 10,75,625 दावों के लिए 21,512.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

29.04.2026 तक, इस योजना में 12.72 करोड़ महिलाओं ने नामांकन करवाया है और पीएमजेडीवाई खाताधारकों में से 8.09 करोड़ लोगों ने नामांकन करवाया है।

स्रोत: कुल नामांकन के लिए बैंक और बीमा कंपनियां, महिला लाभार्थियों के लिए बैंक और पीएमजेडीवाई खाताधारक

स्रोत: बीमा कंपनियाँ

2. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) को दुर्घटना के कारण मृत्यु या विकलांगता होने पर 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को 2 लाख रुपये तक का आकस्मिक मृत्यु और विकलांगता कवर प्रदान करने के लिए बनाया गया है। इसका न्यूनतम प्रीमियम 2 रुपये प्रति माह से कम है।

योजना की मुख्य विशेषता: पीएमएसबीवाई एक साल का कवर है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। यह योजना सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी) और अन्य सामान्य बीमा कंपनियों, जो आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने और इस उद्देश्य के लिए बैंकों/डाकघरों के साथ साझेदारी करने के बाद समान शर्तों पर यह उत्पाद प्रदान करने के लिए इच्छुक हों, द्वारा चलाई जाती है। सहभागी बैंक/डाकघर अपने ग्राहकों के लिए योजना को लागू करने के लिए किसी भी बीमा कंपनी को नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

पात्रता शर्तें: योजना में भाग लेने वाले बैंकों/डाकघरों के 18 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के सभी व्यक्तिगत खाताधारक, जो ऑटो-डेबिट में शामिल होने/चालू करने के लिए अपनी सहमति देते हैं, इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं। यदि किसी व्यक्ति के एक या अलग-अलग बैंकों/डाकघरों में एक से अधिक खाते हैं, तो वह केवल एक बैंक/डाकघर खाते के माध्यम से ही योजना में शामिल होने के लिए पात्र है।

नामांकन अवधि: यह कवर 1 जून से 31 मई तक एक वर्ष की अवधि के लिए होगा, जिसके लिए निर्धारित प्रपत्रों पर निर्धारित व्यक्तिगत बैंक/डाकघर खाते से ऑटो-डेबिट द्वारा शामिल होने/भुगतान करने का विकल्प देना आवश्यक होगा।

प्रीमियम: 20 रुपये प्रति वर्ष प्रति सदस्य। योजना में नामांकन के समय दिए गए विकल्प के अनुसार, प्रीमियम खाताधारक के बैंक/डाकघर खाते से ‘ऑटो डेबिट’ सुविधा के माध्यम से एक ही किश्त में काट लिया जाएगा।

लाभ: निम्नलिखित तालिका के अनुसार:

 लाभ तालिकाबीमा – राशि
कमृत्‍यु होने पर2 लाख रुपये
खदोनों आँखों की पूर्ण और अपूरणीय क्षति या दोनों हाथों या पैरों के उपयोग क्षमता पूरी तरह से समाप्त हो जाना या एक आंख की रोशनी का नुकसान और एक हाथ या एक पैर की क्षति  2 लाख रुपये
गएक आंख की दृष्टि का पूर्ण और अपूरणीय क्षति या एक हाथ या एक पैर की क्षति1 लाख रुपये

उपलब्धियां: 29.04.2026 तक, पीएमएसबीवाई के तहत कुल नामांकन 58.09 करोड़ से अधिक हो चुके हैं और 1,84,662 दावों के लिए 3,667.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

29.04.2026 तक, इस योजना में 27.45 करोड़ महिलाओं ने नामांकन करवाया है और पीएमजेडीवाई खाताधारकों में से 19.30 करोड़ लोगों ने नामांकन करवाया है।

स्रोत: कुल नामांकन के लिए बैंक और बीमा कंपनियां, महिला लाभार्थियों के लिए बैंक और पीएमजेडीवाई खाताधारक

स्रोत: बीमा कंपनियाँ

3. अटल पेंशन योजना (एपीवाई)

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का उद्देश्य सभी भारतीयों, विशेष रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह असंगठित क्षेत्र के लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का संचालन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की समग्र प्रशासनिक और संस्थागत संरचना के अंतर्गत पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है।

पात्रता: एपीवाई 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बैंक खाताधारकों के लिए खुला है जो आयकर दाता नहीं हैं और चुनी गई पेंशन राशि के आधार पर अंशदान भिन्न होते हैं।

लाभ: योजना में शामिल होने के बाद ग्राहक द्वारा किए गए अंशदान के आधार पर, ग्राहकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये या 5000 रुपये की गारंटीकृत न्यूनतम मासिक पेंशन प्राप्त होगी।

योजना के लाभों का वितरण : मासिक पेंशन ग्राहक को उपलब्ध होती है, और उसके बाद उसके जीवनसाथी को, और उनकी मृत्यु के बाद, ग्राहक की 60 वर्ष की आयु तक संचित पेंशन राशि ग्राहक के नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी।

ग्राहक की असामयिक मृत्यु (60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु) की स्थिति में, ग्राहक का जीवनसाथी शेष निहित अवधि के लिए ग्राहक के एपीवाई खाते में योगदान जारी रख सकता है, जब तक कि मूल ग्राहक 60 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता।

भुगतान: ग्राहक मासिक/त्रैमासिक/अर्धवार्षिक आधार पर एपीवाई में योगदान कर सकते हैं।

योजना से निकासी: ग्राहक कुछ शर्तों के अधीन, सरकारी सह-योगदान और उस पर प्राप्त लाभ/ब्याज की कटौती के बाद, स्वेच्छा से एपीवाई से बाहर निकल सकते हैं।

योजना की प्रगति – कुल नामांकन (लाख में):

इस योजना के अंतर्गत कुल नामांकनों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 49% है।

उपलब्धियां: 30.04.2026 तक, 9.04 करोड़ से अधिक व्यक्ति इस योजना में नामांकन करा चुके हैं।

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