यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने अनंतिम उत्तर कुंजी शीघ्र जारी करने की पहल को अधिक पारदर्शिता की दिशा में एक ‘नई शुरुआत’ बताया
संघ लोक सेवा आयोग पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पहली बार सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी करेगा।
इसे “एक नई शुरुआत” बताते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा, “ पहली बार, संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करेगा। यह पहल उम्मीदवारों के साथ अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर संवाद स्थापित करने के आयोग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।” उन्होंने आगे कहा, “इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता, अखंडता और योग्यता-आधारित ढांचे को बनाए रखते हुए इसे उम्मीद्वारों के लिए अधिक सहभागी बनाना है।”
अनंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवार, यदि कोई अपत्ति हो, तो 31 मई, 2026 शाम 6 बजे तक अपने अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल “ऑनलाइन पश्न पत्र अभ्यावेदन पोर्टल (क्यूपीआरईपी)” उपलब्ध कराया गया है, जो https://upsconline.nic.in/login पर उपलब्ध है। उम्मीदवार अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर कुंजी का संकेत देते हुए एक संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से प्राप्त सहायक दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इससे न केवल उम्मीदवार परीक्षा में अपने प्रदर्शन का जल्दी और सटीक मूल्यांकन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर भी मिलेगा।
उम्मीदवारों से प्राप्त सभी अभ्यावेदनों को विषय-विशेषज्ञों की टीमों के समक्ष विस्तृत एवं सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यह विशेषज्ञ संबंधित विषयों का गहन ज्ञान और विशेषज्ञता रखते हैं। वे प्रत्येक अभ्यावेदन की बारीकी से जांच करेंगे, प्रसतुत दस्तावेजों का मूल्यांकन करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की शुद्धता पर अपना विचार दर्ज करेंगे। इसके बाद प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर समुचित विचार करने के उपरांत ही अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी।
यह नया सुधार उम्मीद्वारों की उस लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लाागू किया गया है, जिसमें अनांतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने की मांग की जा रही है। यह कदम आयोग की पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में उम्मीदवारों के विश्वास को और सुदृढ करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।