देश में रोजगार सृजन को गति देने और युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने 19वें रोजगार मेले के अंतर्गत 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नव नियुक्त युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
देशभर के 47 स्थानों पर एक साथ आयोजित इस रोजगार मेले में भारतीय रेलवे, इसरो, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग सहित अनेक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में नियुक्तियां प्रदान की गईं। विशेष रूप से इस भर्ती अभियान में 50 प्रतिशत से अधिक नियुक्तियां भारतीय रेलवे के विस्तारित और उभरते क्षेत्रों के लिए की गईं, जिससे रेलवे अवसंरचना और सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट दिखाई देती है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर केवल युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने का क्षण नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों और आकांक्षाओं की पूर्ति का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति प्राप्त करने वाले युवा भारत के विकास पथ के सक्रिय सहभागी बन रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा को केवल एक नौकरी या पद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे नागरिकों के जीवन को सरल और सुगम बनाने के दायित्व के रूप में समझना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने “नागरिक देवो भव” की भावना को प्रशासनिक कार्य संस्कृति का मूल आधार बताते हुए कहा कि शासन व्यवस्था का केंद्र नागरिक हित और जनकल्याण होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व समुदाय भारतीय युवाओं की प्रतिभा, नवाचार क्षमता और तकनीकी दक्षता पर भरोसा जता रहा है। उन्होंने हाल ही में नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, संयुक्त अरब अमीरात और इटली की अपनी यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों के साथ हुए निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग भारत के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, डिजिटल प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में हो रहे निवेश से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और देश का नवाचार तंत्र अधिक मजबूत बनेगा।
प्रधानमंत्री ने देश में स्टार्टअप संस्कृति के विस्तार को भारत की नई आर्थिक शक्ति बताते हुए कहा कि आज देश में 23.30 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में भी युवा उद्यमशीलता तेजी से विकसित हो रही है।
महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, हरित हाइड्रोजन और आधारभूत संरचना विकास जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति देश की आर्थिक संरचना को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से रोजगार के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त अधिकारियों को निरंतर सीखने और स्वयं को समयानुकूल विकसित करने की सलाह देते हुए iGOT कर्मयोगी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बदलती प्रशासनिक आवश्यकताओं और तकनीकी परिवर्तनों के अनुरूप स्वयं को प्रशिक्षित करना आज के प्रशासनिक तंत्र की अनिवार्य आवश्यकता है।
अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री Raksha Khadse, गुजरात सरकार के जल आपूर्ति, जल संसाधन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, पशुपालन एवं ग्रामीण आवास मंत्री Kunvarji Bavaliya तथा गुजरात सरकार की शहरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री Darshana Vaghela उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में सांसद Narahari Amin, Dinesh Makwana तथा Hasmukh Patel सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सहित रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने नव नियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और युवाओं को सही अवसर, कौशल और मंच प्रदान करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रोजगार मेला केवल नियुक्ति प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रतिभा और अवसरों के बीच एक सशक्त सेतु है।
उन्होंने बदलते रोजगार परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक आधारित और उभरते क्षेत्रों में निरंतर कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नव नियुक्त युवाओं से आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।