आगामी दिनों में भारी वर्षा की संभावनाओं को देखते हुए शहर की जलनिकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महापौर प्रशान्त सिंघल, विधायक कोल अनिल पाराशर तथा नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर स्थित सभागार में पार्षदों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि पिछले वर्ष के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार मानसून से पूर्व व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई। सीएम ग्रिड परियोजना के अंतर्गत आधुनिक मानकों पर नालों का निर्माण, खुली नालियों को व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम में परिवर्तित करना, जाफरी ड्रेन से अतिक्रमण हटाना, 15 जून तक प्रमुख नालों की सफाई पूर्ण करना, 70 से अधिक स्थानों पर सुरक्षा जालियां लगाना, अतिरिक्त उच्च क्षमता वाले मोबाइल पंपों की व्यवस्था तथा घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को सुदृढ़ किए जाने का सकारात्मक परिणाम सामने आया। लगातार 36 घंटे वर्षा होने के बावजूद रामघाट रोड एवं मैरिस रोड जैसे क्षेत्रों से दो से ढाई घंटे के भीतर जलनिकासी संभव हुई तथा खैर रोड एवं गूलर रोड पर वर्षों बाद जलभराव की स्थिति नहीं बनी।

नगर आयुक्त ने बताया कि बेहतर प्लानिंग और सीएम ग्रिड सड़को के निर्माण से पिछले साल के मुकाबले इस साल लगभग 50% जल निकासी प्रभावी बनी है शेष 50% जल निकासी नगरी क्षेत्र के विभिन्न पार्षद वार्डों में लगभग 3000 विकास कार्यों जिनमें प्रमुख रूप से नाली सड़क खरंजा शामिल है, इनके निर्माण कार्य पूर्ण होने से 30% जल निकासी और प्रभावी बनेगी इस प्रकार आने वाले 4 से 5 सालों में अलीगढ़ पूर्ण रूप से जल भराव से मुक्त बन जाएगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि सराय रहमान एवं केवल विहार क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए 600 मिमी व्यास की नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। सराय रहमान में लगभग 1100 मीटर तथा केवल विहार पंपिंग स्टेशन से जीटी रोड तक लगभग 615 मीटर लंबाई में पाइपलाइन निर्माण प्रगति पर है। दोनों कार्य पूर्ण होने के बाद इन क्षेत्रों की जलनिकासी क्षमता लगभग तीन गुना बढ़ जाएगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि सुदामा पुरी मीनाक्षी पुल के नीचे गुरुद्वारा रोड पर भी जल निकासी जल्द प्रभावी बनेगी क्योंकि छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया महेंद्र नगर क्षेत्र में और इससे आसपास के क्षेत्र में जल निकासी प्रभावी बन गई है क्योंकि पला और कालीदह पोखर पर नए पम्पिंग स्टेशन से भी इन एरिया में जलनिकासी प्रभावी बनी है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शासन द्वारा शहर के लिए तीन नए पंपिंग स्टेशनों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है। शाहजमाल क्षेत्र के चरकवालान, रामघाट रोड स्थित ओजोन सिटी कट तथा सराय रहमान क्षेत्र में नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही सराय रहमान स्थित वर्तमान पंपिंग स्टेशन का आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार भी किया जाएगा, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में इस साल रिकॉर्ड समय में शहर के परंपरागत जल भराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी होने पर कोल विधायक अनिल पाराशर ने महापौर प्रशांत सिंहल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा सहित सभी पार्षदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प से किए गए कार्यों और प्लानिंग के फलस्वरूप आज शहर की 50% जल निकासी प्रभावी बन गई है। शेष 50% जल निकासी को सभी पार्षदों अधिकारियों और क्षेत्रीय जनता के सहयोग से प्रभावी बनाने की जरूरत है।
बैठक में कोल विधायक ने पिछले 35 वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे खैर रोड, रामघाट रोड, गूलर रोड सहित अन्य पारंपरिक जलभराव वाले क्षेत्रों में इस वर्ष रिकॉर्ड समय में जलनिकासी होने पर महापौर, विधायक एवं नगर आयुक्त का आभार व्यक्त किया।
बैठक में पार्षदों द्वारा नाला सफाई को और प्रभावी बनाने, नालों पर हुए अतिक्रमण हटाने, पंपिंग स्टेशनों पर जनरेटर की उपलब्धता, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपकरण लगाने, स्ट्रीट लाइट डीपी की नियमित जांच, पोखरों की खुदाई, जलभराव वाले स्थानों पर चौबीसों घंटे कर्मचारियों की तैनाती, वर्षा के दौरान नालों एवं पंपिंग स्टेशनों की सतत निगरानी तथा साफ किए गए नालों की पुनः सफाई जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। महापौर, विधायक एवं नगर आयुक्त ने सभी सुझावों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
महापौर प्रशान्त सिंघल ने कहा पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शहर में जलनिकासी कहीं अधिक तेज और प्रभावी रही है। यह नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पूर्व तैयारी, सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क का परिणाम है। यदि सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में इसी प्रकार सक्रिय रहकर जनता और नगर निगम के बीच समन्वय स्थापित करेंगे तो प्रत्येक समस्या का त्वरित समाधान संभव होगा।
विधायक कोल अनिल पाराशर ने कहा बेहतर सफाई और प्रभावी जलनिकासी के लिए जनप्रतिनिधियों एवं नगर निगम का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। जिस प्रकार महापौर एवं नगर आयुक्त लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, उसी प्रकार सभी पार्षद भी अपने-अपने वार्डों में सक्रिय रहेंगे तो नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जनसहभागिता और समन्वित प्रयास ही स्थायी समाधान का आधार हैं।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा पिछले वर्ष के अनुभवों का गहन विश्लेषण कर इस बार वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। सीएम ग्रिड परियोजना, समयबद्ध नाला सफाई, अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम तथा निरंतर मॉनिटरिंग के कारण रिकॉर्ड समय में जलनिकासी संभव हो सकी। आने वाले समय में नई पाइपलाइन, नए पंपिंग स्टेशन एवं ड्रेनेज नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण से शहर की जलनिकासी व्यवस्था और अधिक सक्षम एवं स्थायी बनेगी।
बैठक में मुख्य अभियंता वीके सिंह महाप्रबंधक जल पीके सिंह प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामानंद त्यागी पार्षद दिनेश जादौन योगेश सिंघल राकेश ठाकुर अनिल सेंगर संजय पंडित नरेंद्र कुमार सैनी हरिओम कुमार राम कुमार छोटे लाल सुभाष चंद्र शर्मा योगेंद्र पाल सिंह रामकिशोर माहौर महावीर सिंह अगनलाल राठी लाल सिंह विनोद माहौर करन माहौर दिनेश भारद्वाज राजकुमार अरविन्द बघेल राजबहादुर दीपक चौधरी आजाद सिंह सूरज माहौर विपिन चंचल वाल्मीकि आदि मौजूद थे।