“प्रकृति के रक्षक और संतुलन के प्रतीक महादेव के चरणों में प्राकृतिक संतुलन के लिए की गई प्रार्थना”
प्राकृतिक आपदाओं से बचना है तो हम सबको प्रकृति के प्रति अपना कर्तव्य भी समझना होगा की अपील करते हुए नमामि गंगे ने सोमवार को श्रीकाशीविश्वनाथ धाम से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं के साथ देवाधिदेव महादेव से गुहार लगाई की हमें यह आशीर्वाद दें कि हम प्रकृति का दोहन नहीं, बल्कि उसका पोषण करना सीखें।इस सुंदर वसुंधरा पर समस्त प्राणियों में आपसी सामंजस्य और प्राकृतिक संतुलन सदा बना रहे। हे अर्धनारीश्वर, इस सृष्टि में पुरुष और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखें। अपने रुद्र रूप को शांत कर इस धरती पर सुख, शांति और समृद्धि की वर्षा करें। हमारे जंगलों, पहाड़ों, जीव-जंतुओं और नदियों की रक्षा करें। पर्यावरण के लिए हानिकारक सिंगल यूज पॉलिथीन का उपयोग न करने का सन्देश देकर कपडे से बने झोले का वितरण किया गया। पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रकृति का वंदन करने की अपील की गई।

प्रकृति को अपनानें का आग्रह भी किया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि सुनहरे व सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। मनुष्य समय रहते नहीं चेता तो प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण में देरी मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। आदिकाल से ही पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य का गहरा सम्बन्ध रहा है। पिछले कुछ दशकों में, भौतिक विकास में अचानक तेजी आई है, जो हमारे पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं हैं। कहा कि आइए हम मिलकर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए एक सहकारी, सहयोगी और सहभागी दृष्टिकोण अपनाएं। प्रत्येक को प्रकृति की रक्षा के लिए कार्य करना होगा और अपना योगदान देना होगा। आयोजन में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, रमेश, दिलीप, नितिन, रसिक , गोविंद, बीना, रीता, सीता सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।