नई दिल्ली: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की राष्ट्रीय संचालन समिति ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत हरियाणा के कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड प्रमुख उद्योग भागीदार के रूप में हरियाणा सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।
इस स्वीकृति के बाद पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत मंजूर किए गए निवेश का कुल मूल्य 10 आईटीआई क्लस्टरों में बढ़कर 2,491 करोड़ रुपये हो गया है। योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, उद्योग-केंद्रित और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

कुरुक्षेत्र क्लस्टर का विकास हब-एंड-स्पोक मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इसके अंतर्गत राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र को हब आईटीआई बनाया जाएगा, जबकि छह अन्य सरकारी आईटीआई स्पोक संस्थानों के रूप में इससे जुड़े होंगे। इनमें राजकीय महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, राजकीय आईटीआई कैथल, राजकीय महिला आईटीआई कैथल, राजकीय आईटीआई पेहोवा, राजकीय आईटीआई पबनावा और राजकीय महिला आईटीआई अंबाला सिटी शामिल हैं।
320 करोड़ रुपये के निवेश से इन संस्थानों में प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने की योजना है। इसके साथ ही उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार और अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर तैयार करना है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि आईटीआई और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं के लिए रोजगार के अधिक मजबूत अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र क्लस्टर को मंजूरी देने का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण को अधिक प्रासंगिक बनाना और इसे उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के साथ जोड़ना है।
उद्योग की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
पीएम-सेतु योजना में उद्योग भागीदारों को आईटीआई के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। उद्योग संस्थानों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं में सुधार, प्रशिक्षकों की भागीदारी, अप्रेंटिसशिप, व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग एक्सपोजर और प्लेसमेंट जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
कुरुक्षेत्र क्लस्टर में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड छात्रों को उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने में सहयोग करेगा। कंपनी हरियाणा सरकार और संबंधित आईटीआई के साथ मिलकर अप्रेंटिसशिप तथा रोजगार से जुड़े अवसरों को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगी।
जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड पहले से ही ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से जुड़ा हुआ है। बारबिल क्लस्टर के लिए पीएम-सेतु के तहत 240 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। हरियाणा और ओडिशा में कंपनी की भागीदारी उद्योग और सरकारी कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने की योजना के प्रयासों का हिस्सा है।
1,000 सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण की योजना
पीएम-सेतु केंद्र सरकार की प्रमुख कौशल विकास पहलों में शामिल है। इसके तहत देशभर में 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाने की योजना है। इसके लिए 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई को उद्योग-नेतृत्व वाले हब-एंड-स्पोक मॉडल से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।
योजना का कुल परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य आईटीआई में आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत प्रयोगशालाओं और उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकसित करना है।
पीएम-सेतु के तहत उभरते क्षेत्रों से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के साथ रोजगार के परिणामों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने तथा क्षेत्र-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना भी इसमें शामिल है।