अलीगढ़ के प्रमुख चौराहों, फ्लाई ओवर पार्कों की दीवारों आदि स्थानों पर पंपलेट/हैंडबिल चिपकाकर अपनी कोचिंग संस्थान का प्रचार प्रसार करने वाली शहर के कई नामी-गिरामी कोचिंग संचालकों पर अब नगर निगम ने नकेल कसने का मन बना लिया है।
मंगलवार निरीक्षण पर निकले नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा को पुलिस लाइन रोड जेल रोड तस्वीर महल रोड पर प्रतिष्ठा कोचिंग संचालक द्वारा अपने पंपलेट हैंडबिल को शहर की दीवारों पर चिपकाकर गंदा करते हुए पाया। जिसे देखकर नगर आयुक्त ने इस कोचिंग क्लास के विरुद्ध सख्त एक्शन लेने के निर्देश उप नगर आयुक्त/ विज्ञापन प्रभारी अमित कुमार सिंह को दिए।
नगर आयुक्त के सख़्त निर्देश पर उप नगर आयुक्त ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कोचिंग संचालक पर नियमों की अनदेखी व शहर की स्वच्छता को खराब करने के आरोप में दो लाख का जुर्माना लगाते हुए नोटिस कोचिंग को भेजा।

नगर आयुक्त ने बताया कि कोई भी व्यक्ति/संस्था/विज्ञापन एजेन्सी बिना नगर आयुक्त की पूर्व अनुमति के नगर निगम की सीमा में किसी भवन, पुल, मार्ग, फुटपाथ, उपरगामी सेतु या उससे संलग्न भूमि या ट्री-गार्ड, नगर प्राचीर, बाउण्ड्रीवाल, नगर द्वारा, विद्युत या टेलीफोन के खम्बे, चल वाहनों या किसी भी खुले स्थान पर कोई भी विज्ञापन या किसी प्रकार की सूचना या चिन्न, जिससे किसी सामान्य प्रज्ञा वाले व्यक्ति को विज्ञापन होने का आभास हो, न तो परिनिर्मित करेगा न प्रदर्शित करेगा, न सम्प्रदर्शित करेगा, न चिपकायेगा न लगायेगा, न लिखेगा न चित्रित करेगा, या न लटकायेगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि उक्त के विपरीत प्रतिष्ठा कोचिंग सेंटर द्वारा नगर निगम अलीगढ सीमान्तर्गत विभिन्न मार्गो की दीवारो एवं विद्युत पोलों पर पोस्टर / क्यास्क लगाये गये है। यह कृत्य उ०प्र० नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 305 तथा (विज्ञापन एवं अनुज्ञा शुल्क का निर्धारण और वसूली) उपविधि-2019 की धारा 04 का उल्लघंन है। धारा, 12 में यह निर्धारित किया गया है कि ऐसे अवैध विज्ञापन उसे हटाये जाने या मिटाये जाने का व्यव तथा उसमें हुई क्षति की धनराशि का वहन विज्ञापनकर्ता को करना होगा धारा 29 के उपनियम 01 में उल्लिखित है कि धारा 28 में विज्ञापन पट को हटाने या साफ किये जाने की लागत का उल्लेख है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा नगर निगम द्वारा प्रतिष्ठा कोचिंग संचालक पर ₹200000का जुर्माना आरोपित किया गया है जो कि दोष सिद्धि से प्रतिदिन ₹500 की बढोत्त्तरी के साथ दण्डनीय होगा। नगर निगम द्वारा लगाए गए जुर्माना को उक्त कोचिंग संचालक के संपत्ति कर बिल(पीटीआईएन) के साथ समायोजित करते हुए भेजा जाएगा समय अंतर्गत भुगतान नहीं करने की स्थिति में संबंधित कोचिंग संचालक के विरुद्ध नगर निगम अधिनियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा शहर की छवि और दीवारों कों गंदा करने वालों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही नगर निगम द्वारा की जायेगी नगर निगम द्वारा नोटिस, जुर्माने के बाद भी उल्लंघन करने वाले ऐसे सभी कोचिंग संचालकों, हॉस्पिटल व अन्य के विरुद्ध नगर निगम अधिनियम की सुसंगत धाराओं और स्वच्छ भारत मिशन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार जुर्माना वसूलने के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।