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सावरकर रहे विशुद्ध हिंदू राष्ट्रवाद के अनुयाई

विनायक दामोदर सावरकर तेजस्वी पुरुष थे। ओज और तेज से भरपूर और राष्ट्र की स्वतंत्रता के…

अतिथि बनकर जाएं तो न दिखाएं नखरे

भारतीय संस्कृति में “अतिथि देवो भवः” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन-मूल्य है। हमारे यहाँ अतिथि…

मुफ्त रेवड़ी संस्कृति जीवंत लोकतंत्र के लिये घातक

भारतीय लोकतंत्र की विडंबना यह है कि चुनाव आते ही जनसेवा का स्वरूप बदलकर जनलुभावन राजनीति…

भारत का एआई नेतृत्व तकनीक एवं मानवीय मूल्यों का संगम बने

दिल्ली इन दिनों केवल भारत की राजनीतिक राजधानी भर नहीं, बल्कि उभरती तकनीकी चेतना का वैश्विक…

विकास का संकल्प : ट्रिपल इंजन से बदलेगी दिल्ली की तस्वीर

वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में दिल्ली के लिए 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की…

बंगाल का भविष्यः धर्म की लहर या प्रगति की राह?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, पर राजनीतिक रणभेरी बज…

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: भाषाई अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव

हर वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विश्वभर में भाषाई विविध्ता, सांस्कृतिक…

कस्तूरबा गांधी: वह शक्ति, जिन्होंने मोहनदास को महात्मा बनने की दिशा दी

महात्मा गांधी की जीवन संगिनी श्रीमती कस्तुरबा गांधी ताउम्र गांधीजी का साथ निभाकर चलीं, बड़े से…

सेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण: स्काउट-गाइड की प्रेरक यात्रा

सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों ने समाज की रीढ़ को कमजोर कर दिया है। इन्ही सबके बीच…

असमानताओं पर प्रहार, समानता का विस्तारः एक सार्थक पुकार

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष 20 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व सामाजिक न्याय दिवस आज के…

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