भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों की भूमि पर रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जो केवल…
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हिंदी को अंग्रेजी के समक्ष दोयम दरजा क्यों
"हिंदू हिंदी हिंदुस्तान"! भारत राष्ट्र के परिचयात्मक सूत्र वाक्य की अगर बात की जाए तो शायद…
यूथ में बढ़ता जुनून सेल्फी: सावधान, जान की कीमत पर कतई नहीं
आजकल सेल्फी लेने की होड़ में लोग खासकर युवा, अक्सर अपनी जान की परवाह किए बिना खतरनाक…
टैरिफ दादागिरी के बीच ‘स्वदेशी’ एक जनक्रांति बने
वाराणसी में अपने लोकसभा क्षेत्र से एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों का आह्वान…
चुनाव आयोग पर वारः लोकतंत्र के लिये खतरे की घंटी
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और इस लोकतंत्र की बुनियाद जिन संस्थाओं पर टिकी…
मित्रताः रिश्तों की आत्मा और संवेदना की जीवंत सरिता
मित्रता वह रिश्ता है, जो न रक्त से बंधा होता है, न किसी सामाजिक अनुबंध से,…
मालेगांव विस्फोट एवं भगवा पर कलंक की साजिश
29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए बम विस्फोट की न्यायिक परिणति ने एक बार फिर…
टैरिफ आर्थिक युद्ध नहीं, आत्मनिर्भर शांति का रास्ता बने
जब किसी वैश्विक ताक़त के शिखर पर बैठा नेता ‘व्यापार’ को भी ‘सौदेबाज़ी’ और ‘दबाव नीति’…
एआई का विस्तार या नौकरी का संकुचनः बड़ी चुनौती
भारत जैसे युवाओं वाले और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश में तकनीकी विकास के प्रति उत्साह हमेशा…
हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद का स्थान सर्वश्रेष्ठ
प्रेमचंद जिनका जन्म 31 जुलाई 1880 को हुआ था।ये हिन्दी और उर्दू के महानतम भारतीय लेखकों…