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आधुनिक तकनीक एवं मानवीय करुणा है लोकतंत्र की बुनियाद

संयुक्त राष्ट्र ने 15 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के रूप में नामित किया है ताकि…

हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता के बावजूद देश में उपेक्षा क्यों?

हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजनात्मक अवसर नहीं, बल्कि हमारी भाषाई अस्मिता राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक आत्मगौरव…

भारतीय दिल खतरे में, एक गंभीर चुनौती की टंकार

आधुनिक युग को यदि सुविधाओं और संसाधनों का युग कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी,…

अनिश्चित भविष्य एवं आभासी दुनिया से दुःखी युवापीढ़ी

पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों, उनमें बढ़ रहे तनाव एवं दुःखों और उनकी बातों…

निराशा से आशा की ओरः आत्महत्या के खिलाफ जंग

दुनिया में आत्महत्या आज एक गहरी एवं विडम्बनापूर्ण वैश्विक चुनौती बन चुकी है। हर साल लाखों…

सी.पी. राधाकृष्णनः एक नये अध्याय की शुरुआत

भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद के दोनों सदनों के सांसदों ने अपने…

प्रकृति की नाराजगी को नहीं समझा तो मानव अस्तित्व खतरे में

प्रकृति अपनी उदारता में जितनी समृद्ध है, अपनी प्रतिशोधी प्रवृत्ति में उतनी ही कठोर है। जब…

मातृत्व का अपमानः बिहार की राजनीति पर असर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की माताजी के संबंध में कांग्रेस और राजद के मंच से जो…

जीएसटी का नया दौर: कराधान व्यवस्था क्रांति की ओर

भारतीय कराधान व्यवस्था में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का आगमन एक ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदम…

शिक्षक ज्ञानवान ही नहीं, चरित्रवान पीढ़ी का निर्माण करें

शिक्षक ही सभ्यता और संस्कृति के असली शिल्पी होते हैं। विज्ञान, तकनीक और राजनीति चाहे जितनी…

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