NEW English Version

ग्राम स्वराज, सहभागिता और लोकतंत्र की जड़ें

भारत की आत्मा उसके गाँवों में बसती है—यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक ढाँचे…

‘लोकसेवक’ बनाम ‘सरकारी सेवक’—पेंशन की विसंगति और नैतिकता का प्रश्न

हाल के वर्षों में देश के भीतर राजनीतिज्ञों को मिलने वाली पेंशन और सुविधाओं को लेकर…

ज्ञान, सृजन और बौद्धिक अधिकारों का सम्मान

मानव सभ्यता के विकास की यात्रा में यदि किसी एक माध्यम ने सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका…

प्रकृति संरक्षण, संतुलन और मानव अस्तित्व का प्रश्न

यह धरा यह पृथ्वी यह धरती केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि जीवन का आधार, अस्तित्व का…

सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की प्रतिबद्धता

किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की सफलता केवल उसके संविधान या नीतियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि…

बोलती परछाइयां का लोकार्पण: संवेदना और सरलता का सशक्त संगम

नगर के वरिष्ठ एवं साहित्यकार एवं पत्रकार सुरेश सिंह बैस द्वारा रचित चर्चित पुस्तक “बोलती परछाइयां”…

जीवनशैली, जागरूकता और स्वास्थ्य का संतुलन

मानव शरीर एक जटिल और अद्भुत संरचना है, जिसमें प्रत्येक अंग अपनी विशिष्ट भूमिका निभाता है।…

सोशल मीडिया की सच्चाई और हमारी जिम्मेदारी

आज का युग सूचना-क्रांति का युग है, जहाँ खबरें अखबारों की सीमाओं से निकलकर सोशल मीडिया…

वेतन, व्यवस्था और विश्वास — नोएडा की घटना से उठते बड़े सवाल

14 अप्रैल, 2026 को नोएडा में घटी घटना ने केवल एक औद्योगिक क्षेत्र की शांति को…

सर्वकार्य सिद्ध परम दिवस “अक्षय तृतीया”

अक्षय तृतीया का पर्व छत्तीसगढ़ में अक्ती के नाम से बड़े जोरशोर और उत्सवपूर्ण माहोल में…

Translate »