नई दिल्ली: भूमि संसाधन विभाग ने कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप देने, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान के उद्देश्य से विशेष अभियान 6 के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित की हैं। अभियान के अंतर्गत प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

सचिव (भूमि संसाधन) के मार्गदर्शन में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सचिव ने विभागीय कार्यालयों और अभिलेख कक्ष का निरीक्षण कर संभागीय प्रमुखों को स्वच्छता गतिविधियों की निगरानी, फाइलों की व्यवस्थित समीक्षा और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार पुराने अभिलेखों की छंटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियमित रूप से संभागों के साथ बैठकें कर रहे हैं। कार्यालय परिसरों का निरीक्षण कर प्रगति का आकलन किया जा रहा है, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराने के साथ विभिन्न गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है।
जन शिकायतों के निपटान में 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल
विशेष अभियान 6 के तहत विभाग ने जन शिकायतों के निपटान और अभिलेखों की समीक्षा में प्रगति दर्ज की है। विभाग के अनुसार, चिह्नित 12 स्वच्छता गतिविधियों में से पांच पूरी हो चुकी हैं। वहीं, अभियान के लिए निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 90 प्रतिशत जन शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।
अभिलेख प्रबंधन के अंतर्गत 1,280 भौतिक फाइलों में से 945 फाइलों तथा 501 ई-फाइलों में से 242 की समीक्षा की गई है। इस प्रक्रिया में अभिलेखीकरण, अनावश्यक फाइलों की छंटाई और आवश्यकतानुसार फाइलों को बंद करने पर ध्यान दिया जा रहा है। अभियान की प्रगति से संबंधित आंकड़े प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के विशेष अभियान निगरानी पोर्टल (एससीडीपीएम) पर नियमित रूप से अद्यतन किए जा रहे हैं।
स्वच्छता और कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान
कार्यालयीन स्वच्छता के साथ कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने कई कार्यक्रम आयोजित किए। 29 सितंबर, 2026 को ‘स्वच्छता एवं जल संचय’ विषय पर एक विमर्श आयोजित किया गया। इसमें स्वच्छता और जल संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
इसके अगले दिन, 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित शिवाजी स्टेडियम एनेक्स कार्यालय के रेजुवे वेलनेस सेंटर में कर्मचारियों के लिए योग सत्र आयोजित किया गया। इसी दिन कार्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने में योगदान देने वाले सफाई और हाउसकीपिंग कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया।
विभाग ने स्वच्छता ही सेवा पहल की भावना के अनुरूप 1 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में स्कोप कॉम्प्लेक्स के निकट स्थित सार्वजनिक पार्क में श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया। इसके अतिरिक्त, 1 से 15 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने और साफ-सफाई को नियमित कार्य-संस्कृति का हिस्सा बनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
वृक्षारोपण और जनभागीदारी को प्रोत्साहन
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत 2 अक्टूबर, 2026 को अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में व्यक्तिगत भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
अभियान के आगामी कार्यक्रमों में एक अन्य योग सत्र, मानसिक स्वास्थ्य पर व्याख्यान और कर्मचारियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता भी शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यस्थल पर स्वास्थ्य, रचनात्मकता और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने की योजना है।
सोशल मीडिया के जरिए साझा की जा रही प्रगति
भूमि संसाधन विभाग अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों और हासिल की गई प्रगति की जानकारी अपने सोशल मीडिया मंचों पर भी साझा कर रहा है। एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से अभियान से जुड़ी गतिविधियों को सामने लाने का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छता संबंधी प्रयासों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
विशेष अभियान 6 के तहत स्वच्छता गतिविधियों, जन शिकायतों के निपटान, भौतिक एवं डिजिटल अभिलेखों की समीक्षा और कर्मचारियों की भागीदारी को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्धारित लक्ष्यों की नियमित निगरानी और कार्यों की समयबद्ध समीक्षा इस अभियान के प्रमुख आधार हैं। विभाग की इन गतिविधियों का उद्देश्य कार्यालयीन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना, अनावश्यक कागजी कार्यवाही को कम करना और एक स्वच्छ, जवाबदेह तथा कार्यकुशल प्रशासनिक वातावरण को बढ़ावा देना है।