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आंखों के स्वास्थ्य के लिए अपने आहार पर भी विशेष ध्यान दें: अलका सिंह

अलका सिंह
(योग एक्सपर्ट) नयी दिल्ली

आजकल के समय मे मोबाइल लैपटॉप व टेबलेट का ज्यादा उपयोग बढ़ रहा है। जिससे स्क्रीन टाइम बढ़ने से आंखों पर इसका असर का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जहां माता- पिता अपने बच्चों को मोबाइल से दूर रखना चाहते हैं। वही लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से आंखों में जो समस्या बढी हैं। मोबाइल के जरिए ऑनलाइन एजुकेशन के द्वारा बच्चों की आंखों में होने वाली परेशानियों के मामले सामान्य मामलों से 20 से 25 फीसदी अधिक हो रहे हो गए है। बच्चों की आंखों में जलन, रूखापन, खुजली, थकान, लाल पर आंसू आना पानी बहना, सिरदर्द, जैसी समस्याएं होने लगी है। प्राइमरी सेक्शन के बच्चों में अधिक समस्याएं देखने में आ रही हैं। स्क्रीन की ब्राइटनेस से आंखों पर ज्यादा जोर पड़ता है तथा ऑनलाइन क्लास का टाइम सिर्फ एक से दो घंटे का ही होना चाहिए। जिससे बच्चे ज्यादा घंटे स्क्रीन से जुड़े ना रहे। सब जानते हैं कि वर्तमान स्थिति मे ऑनलाइन एजुकेशन जरूरी है। फिर भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दिन भर में बच्चे दो-तीन घंटे से ज्यादा मोबाइल पर ना पढे और वह भी एक साथ नहीं बल्कि 20 से 25 मिनट पढ़कर 10 मिनट क ब्रेक लें। और इस ब्रेक के दौरान आंखों को रेस्ट दे सकें।
ऑनलाइन स्क्रीन का टाइम कम करें
ऐसे में उनकी आंखों की रक्षा के लिए आप उनका स्क्रीन टाइम कम करें। इससे उन्हें बच्चों की आंखों को रेस्ट मिलेगा। आंखों को स्वस्थ बनाने तथा रोशनी बढ़ाने हेतु फायदेमंद है।
यह योगासन और यौगिक क्रियाए
आखें शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक है ऐसे में इनकी नियमित देखभाल बहुत जरूरी है। ऑनलाइन पढ़ाई करने से आंखों में थकावट तथा आंखों की रोशनी में कमी आना आम समस्या है। आंखों का स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम नियमित रूप से आंखों का एक्स- साइज करते रहे। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह योगासन मौजूद हैं। आज हम उन्ही योगासनों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। जिनका इस्तेमाल कर आप अपनी नेत्र ज्योति की क्षमता आसानी से बढ़ा सकते हैं। सर्वांगासन है लाभकारी आसन आंखों की रोशनी बढ़ाने में। सर्वांगासन हर अंग के लिए उपयुक्त आसन है। इस आसन को करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है तथा आंखें स्वस्थ रहती हैं।
विधि – इस आसन को करने के लिए सीधे लेट जाएं दोनों हाथों को जगह- जगह के बगल में रखते हुए पैरों तथा पीठ को कंधे तक उठाइए ।
लाभ – आंखों को अच्छी सेहत के लिए प्रतिदिन यह आसन करना काफी फायदेमंद है।
आंखों को आराम देने के लिए शवासन बहुत उत्तम आसन है।
शवासन आंखों के लिए उपयुक्त आसन है। जिसे करने के बाद ना सिर्फ आंखों को आराम मिलता है। बल्कि उनकी रोशनी भी बढ़ती है।
विधि – शवासन के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। शरीर को पूरी तरह फर्श पर स्थिर और मन को पूरी तरह से सहज और शांत कर लीजिए। इससे शरीर की थकान भी दूर होती है शवासन करना बहुत ही आसान है। क्योंकि इसमें एक जगह केवल लेटना ही होता है। इस आसन को करने वाली की पोजीशन मृत शरीर की तरह होती है इसलिए इसका नाम शवासन हैं। आखों की रोशनी के साथ साथ हमारे मस्तिष्क के लिए भी यह आसन उपयोगी है।
आंखों के लिए प्राणायाम काफी फायदेमंद होता है। अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से मानसिक थकान दूर होती है। साथ ही साथ आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए सबसे पहले आप पद्मासन सिद्धासन में बैठ जाएं। आपकी कमर और गर्दन सीधी होनी चाहिए। अब अपने अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और अपने बाई नासिका छिद्र सास अदर खींचे। फिर अपनी बाईं नासिका छिद्र को बंद कर दाएं नासिका छिद्र से सांस धीरे-धीरे बाहर छोड़े इस पूरी प्रक्रिया को 3 से 5 मिनट अवश्य दोहराएं। भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास आंखों के लिए फायदेमंद भ्रामरी प्राणायाम आंखों की रोशनी को बढ़ाने का अच्छ तरीका है। इससे दूर और पास की दृष्टि के दोष भी दूर हो जाते हैं। तथा दिमागी तनाव भी दूर होता है। आंखों में थकान दर्द जलन और सिर दर्द का एक कारण तनाव भी होता है। जिसे भ्रामरी प्राणायाम दूर करता है। षट्कर्म का अभ्यास आंखों की रोशनी को बढ़ाएं। योग में षट्कर्म का अभ्यास भी आंखों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। और चश्मे का नंबर भी कम हो जाता है। इसलिए षट्कर्म का अभ्यास भी अवश्य करें। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए त्राटक क्रिया बहुत फायदेमंद होती है।
यह व्यायाम आंखों को साफ करता है। इसके साथ ही आंखों की मांसपेशिया मजबूत होती है। आंखों की रोशनी और याददाश्त बढ़ाने में भी यह व्यायाम काफी कारगर है। इससे एकाग्रता बढ़ती है । त्राटक क्रिया की विधि
मोमबत्ती को अपनी छाती जितनी ऊंचाई के बराबर और सामने की दिशा में एक हथेली की दूरी पर रखें इसकी लौ स्थिरहोनी चाहिए। कुछ देर तक इस लौ को एकाग्रता से देखें और फिर धीरे से अपनी आंखें बंद कर लें। अब इस तस्वीर पर अपना ध्यान केंद्रित करें जो बंद आंखों से आपके सामने बन रही है। इस व्यायाम को तीन चार बार अवश्य दोहराएं।
आंखों के लिए योग कैसे किया जाए
एकाग्र जगह पर मैटपर आराम से बैठ जाएं और अपनी आंखों को खोले रखें। अब करीब 10 से 15 बार अपनी पलकों को बहुत तेजी से झपकाना है । इसके बाद कुछ सेकड आंखों को बंद रहने दें। और फिर गहरी सांस लें उसे बाहर छोड़ें। इस क्रिया को कम से कम 5 से 6 बार अवश्य करें।
आंखों के लिए दूसरी यौगिक क्रिया
इस क्रिया को करने के लिए सबसे पहले आराम से जमीन पर बैठ जाएं। अपने चेहरे और आंखों को एक जगह टिका कर रखें। अब पलकों को न झपकाए और ऊपर की और तब तक देखें जब तक आपकी आंखों से पानी ना आ जाए ऐसा नीचे या दाएं बाएं देखते हुए भी करें। इस क्रिया को दोहराने से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। आंखों की तीसरी क्रिया – इसको करने के लिए किसी शात जगह पर बैठकर अपनी आंखों को बंद कर ले। अपनी हथेलियों को आपस में तब तकरगड़ें। जब तक वह गर्म ना हो जाए। अब गरम हथेलियों को अपनी आंख बंद करके उस पर रखें। ऐसा करने से हथेलियों की तेज गर्मी आपकी आंखों में जाएगी। जिससे आंखों को आराम मिलेगा ।
नेत्र स्नान मुंह में पानी भर कर अपनी आंखों को 8 से 10 बार पानी से धोएं। मुंह में पानी भरने से आंखों की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। और आंखों की नसें रिलैक्स हो जाते हैं।
पलकों को झपकाना – एकटक देखने से आंखों पर जोर पड़ता है। उसे दूर करने के लिए पलक झपकने की क्रिया एक अच्छा उपाय है। आंखों में अगर कोई परेशानी हो तो पलक झपकना कम हो जाता है। जिनकी आंखें कमजोर है। उन्हें बार-बार पलक झपकने की आदत डालनी चाहिए। इस क्रिया से आंखों का खींचाव व तनाव दूर होकर आंखों का भारीपन दूर होता है। आंखें हल्की बनी रहती है आंखें स्वभाविक रूप से खुलती बंद होती रहती हैं। हर बार पलक झपकाने से आराम मिलता है। आंखों में एक तरल पदार्थ चलता फिरता रहता है। पलक झपकने से तरल पदार्थ से आंखों की पुतली धुल कर साफ हो जाती है। टीवी मोबाइल लैपटॉप पर काम करने के बाद भी बीच में पलक झपकने की आदत डालनी चाहिए। आंखों को अगर स्वस्थ रखना है तो हमारा खान-पान भी अच्छा होना चाहिए।
सही खानपान अगर हमारा होगा तभी हम स्वस्थ रहेंगे और अगर हमारा खानखाना पोषक तत्वों से भरपूर होगा तो हमें किसी तरह की कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी नहीं होगी । पौष्टिक और विटामिन ए से भरपूर चीजें खानी चा हए। जैसे गाजर पपीता पालक आदि। आंखों को दिन में चार-पांच बार ठंडे पानी से छींटे मारकर अवश्य धोना चाहिए। आंखें बहुत कोमल होती हैं। इन्हें तेज धूप, धूल, मिट्टी, धुआं आदि से बचाना चाहिए। अंततः निष्कर्ष यह निकलता है कि इन योग क्रियाओं और योगासनों के अलावा प्राणायाम भी आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इन सब से आंखों की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। आंखों के स्वास्थ्य के लिए अपने आहार पर भी विशेष ध्यान दें।

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